April 18, 2026

400 करोड़ी ‘वॉर 2’ बॉक्स ऑफिस पर डूबी, जूनियर एनटीआर ने YRF को दिया बड़ा झटका

यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म ‘वॉर 2’ पर दर्शकों ने वैसा रिस्पॉन्स नहीं दिया, जैसा मेकर्स को उम्मीद थी। 400 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी यह फिल्म 10 दिन में भारतीय बॉक्स ऑफिस से केवल 215 करोड़ रुपये ही कमा पाई है। शुरुआती हफ्ते में ही यह साफ हो गया कि फिल्म अपने खर्चे निकालने में भी संघर्ष कर रही है। यही नहीं, फिल्म के जरिए बॉलीवुड में एंट्री करने वाले साउथ स्टार जूनियर एनटीआर भी दर्शकों को खास प्रभावित नहीं कर पाए।

फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर दर्शकों ने जमकर सवाल उठाए। कई लोगों का कहना था कि बड़े पैमाने पर बनाई गई फिल्म का कंटेंट कमजोर था। वहीं जूनियर एनटीआर की एक्टिंग को लेकर भी मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ दर्शकों को लगा कि उन्हें कहानी में सही तरह से प्रस्तुत ही नहीं किया गया। ऐसे में उनका हिंदी डेब्यू फीका साबित हुआ। इसी बीच, खबर आई है कि ‘वॉर 2’ की नाकामी के बाद जूनियर एनटीआर ने यशराज फिल्म्स के साथ अपने अगले प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है।

दरअसल, YRF ने जूनियर एनटीआर के साथ एक मल्टी-प्रोजेक्ट डील साइन की थी। ‘वॉर 2’ के बाद उन्हें एक सोलो हीरो वाली फिल्म में लॉन्च किया जाना था, जिसकी तैयारी भी शुरू हो चुकी थी। लेकिन अब रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्टर ने इस फिल्म को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है। हालांकि डील कैंसिल नहीं की गई है, लेकिन प्रोजेक्ट पर रोक लगना YRF के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। खास बात यह है कि ‘वॉर 2’ के लिए जूनियर एनटीआर को ऋतिक रोशन से भी ज्यादा फीस दी गई थी।

वर्तमान में जूनियर एनटीआर प्रशांत नील की फिल्म ‘ड्रैगन’ पर काम कर रहे हैं, जिसे जल्द ही रिलीज करने की तैयारी है। इसके अलावा वह ‘देवरा 2’ में भी नजर आएंगे। दोनों फिल्मों के पूरा होने के बाद ही वह आगे के प्रोजेक्ट्स को लेकर निर्णय लेंगे। सूत्रों के अनुसार, उनका अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि दर्शक उनकी आने वाली फिल्मों को कितना पसंद करते हैं।

गौरतलब है कि जूनियर एनटीआर की पिछली फिल्म ‘देवरा’ भी बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। ऐसे में लगातार दो फिल्मों का खराब प्रदर्शन उनके करियर के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। वहीं YRF के लिए ‘वॉर 2’ का डूबना उनके स्पाई यूनिवर्स की सबसे बड़ी नाकामी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में जूनियर एनटीआर और YRF इस झटके से कैसे उबरते हैं।

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