अमेरिका ने भारत को बताया सबसे महत्वपूर्ण साझेदार, सर्जियो गोर को राजदूत बनने पर दी बधाई
दूत नियुक्त करने के बाद अमेरिका की शीर्ष कूटनीतिक नेतृत्व ने भी इसे भारत-अमेरिका रिश्तों के लिए एक अहम कदम बताया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गोर को बधाई देते हुए कहा कि भारत दुनिया में अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण साझेदार देशों में से एक है और गोर यहां अमेरिका के उत्कृष्ट प्रतिनिधि साबित होंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर तनाव मौजूद है।
भारत और अमेरिका के बीच बीते कुछ समय से व्यापार को लेकर मतभेद बढ़े हैं। अमेरिका ने हाल ही में भारत पर 50% तक का टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25% पेनल्टी रूस से तेल खरीदने के चलते जोड़ी गई है। इस फैसले के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में खटास आई थी, लेकिन सर्जियो गोर की नियुक्ति से अब इन रिश्तों को संतुलित करने और नई दिशा देने की उम्मीद जताई जा रही है।
सर्जियो गोर भारत में 26वें अमेरिकी राजदूत होंगे। वे फिलहाल व्हाइट हाउस के प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ऑफिस के डायरेक्टर हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी सहयोगी माने जाते हैं। एरिक गार्सेटी के पद छोड़ने के सात महीने बाद अमेरिका ने भारत में स्थायी राजदूत की नियुक्ति की है। गार्सेटी ने मई 2023 से जनवरी 2025 तक भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्य किया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने गोर की नियुक्ति का ऐलान करते हुए उन्हें अपना करीबी सहयोगी और विश्वासपात्र बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि गोर ने बतौर प्रेसिडेंशियल पर्सनेल डायरेक्टर रिकॉर्ड समय में लगभग 4,000 नियुक्तियां कर अमेरिकी प्रशासन को मजबूती दी है। ट्रंप ने कहा कि सर्जियो गोर अपनी नियुक्ति की औपचारिक पुष्टि तक व्हाइट हाउस में अपनी मौजूदा भूमिका निभाते रहेंगे।
अमेरिका के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि वह भारत को न केवल एशिया में बल्कि वैश्विक मंच पर भी एक प्रमुख साझेदार मानता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोर की नियुक्ति के बाद भारत-अमेरिका रिश्तों में व्यापारिक मुद्दों के समाधान और रणनीतिक सहयोग को लेकर नए प्रयास देखने को मिल सकते हैं। आने वाले समय में रक्षा, तकनीकी और ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।
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