April 21, 2026

बहराइच में विशाल सत्संग कार्यक्रम सम्पन्न, मातृशक्ति व दुर्गा वाहिनी की रही बड़ी भागीदारी

बहराइच जिले में शुक्रवार, 22 अगस्त को विश्व हिंदू परिषद नगर प्रखंड के तत्वाधान में सत्संग कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत एक भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। यह सत्संग कार्यक्रम नगर की समाजसेवी श्रीमती निशा शर्मा के आवास पर आयोजित किया गया, जिसमें जिले और नगर स्तर के अनेक प्रमुख पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मातृशक्ति की बड़ी संख्या ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिकता और सामाजिक एकता के भाव से सराबोर रहा, जिसमें भजन, सत्संग प्रवचन और संगठनात्मक चर्चा का समन्वय देखने को मिला।

इस अवसर पर डॉ. राकेश कुमार दुबे, जो विश्व हिंदू परिषद, अवध प्रांत, बहराइच के विभाग अध्यक्ष तथा पालक नगर प्रखंड मातृशक्ति/दुर्गा वाहिनी हैं, विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की सक्रिय भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों की महती आवश्यकता है। डॉ. दुबे ने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक एकता बनाए रखने और समाज सेवा की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

 

कार्यक्रम में जिला स्तर के कई प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया। जिला शह मंत्री कामेश गुप्ता, जिला सह सत्संग प्रमुख सत्यदेव गुप्ता, जिला हित चिंतक सदानंद पांडे, ओमप्रकाश पांडे और भीष्माचार्य शुक्ला इस अवसर पर मौजूद रहे। मातृशक्ति के मोर्चे से भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसमें जिला मातृशक्ति सह संयोजिका श्रीमती मीना द्विवेदी, श्रीमती संतोष पांडे, तथा जिला मातृशक्ति सत्संग संयोजिका श्रीमती शशि दुबे ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

 

नगर प्रखंड स्तर पर भी भारी भागीदारी रही। नगर उपाध्यक्ष शरद कालिया, नगर वार्ड अध्यक्ष कानूनगोपुरा उत्तरी मनोज श्रीवास्तव कन्हैया और दक्षिणी देवानंद पांडे, नगर सह सत्संग प्रमुख चंद्रशेखर पांडे, नगर मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती पुष्पा देवी चौधरी और नगर दुर्गा वाहिनी हित चिंतक श्रीमती रजनी सक्सेना ने कार्यक्रम की सफलता में विशेष योगदान दिया। मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी से भारी संख्या में बहनों ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर पूरे वातावरण को भक्ति रस से परिपूर्ण कर दिया।

सत्संग के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि मातृशक्ति ही समाज की असली धरोहर है। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक जागरण होता है बल्कि समाजिक एकजुटता भी बढ़ती है। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने मिलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए सत्संग, सेवा और संस्कार के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहने का संकल्प लिया।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!