सचिन को आखिरी मैच जिताने के बावजूद खत्म हुआ करियर, अब प्रज्ञान ओझा को मिलेगी टीम इंडिया चुनने की जिम्मेदारी
भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे किस्से हैं जहां खिलाड़ी ने अपने करियर के यादगार लम्हे में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उसके बाद उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला। ऐसा ही हुआ भारत के दिग्गज स्पिनर प्रज्ञान ओझा के साथ। साल 2013 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था, तब ओझा ने 10 विकेट लेकर टीम इंडिया को शानदार जीत दिलाई थी। उस मुकाबले ने सचिन को तो भावुक विदाई दी, लेकिन ओझा के लिए यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद भी उन्हें दोबारा भारतीय टीम में मौका नहीं मिला।
अब 12 साल बाद प्रज्ञान ओझा एक नई भूमिका में वापसी कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति में जगह मिल सकती है। बीसीसीआई अपनी पुरुष और महिला टीम की चयन समितियों में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। बोर्ड ने शुक्रवार, 22 अगस्त को कई पदों के लिए वैकेंसी निकाली है, जिसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर तय की गई है। इस बीच चर्चा है कि ओझा साउथ जोन से नेशनल सेलेक्टर बनने के प्रबल दावेदार हैं।
बताया जा रहा है कि प्रज्ञान ओझा मौजूदा सेलेक्टर श्रीधरन शरत की जगह ले सकते हैं, जिनका कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है। वहीं शरत को जूनियर चयन समिति का चीफ सेलेक्टर बनाया जा सकता है। ओझा के क्रिकेटिंग अनुभव और घरेलू क्रिकेट में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी मिलने की संभावना और भी मजबूत हो जाती है।
प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 113 विकेट अपने नाम किए। इसमें सात बार उन्होंने पारी में पांच विकेट झटके। वनडे में उन्होंने 19 मैचों में 21 विकेट हासिल किए, जबकि 6 टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 10 विकेट दर्ज हैं। खासकर घरेलू पिचों पर उनकी गेंदबाजी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए किसी पहेली से कम नहीं थी।
सचिन तेंदुलकर के आखिरी टेस्ट में उनका प्रदर्शन आज भी क्रिकेट प्रेमियों की यादों में ताज़ा है। भारत ने उस मुकाबले में वेस्टइंडीज को पारी और 126 रनों से हराया था और ओझा ने दोनों पारियों में मिलाकर 10 विकेट झटके थे। दुर्भाग्य से उसी मैच के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया। हालांकि अब भारतीय क्रिकेट में उनकी वापसी एक नई भूमिका के साथ हो सकती है, जहां वे टीम के भविष्य को संवारने में अहम योगदान देंगे।
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