एशिया कप में रिंकू सिंह की राह मुश्किल, शतक के बाद भी प्लेइंग इलेवन में जगह अनिश्चित
रिंकू सिंह को एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम के 15 सदस्यीय दल में शामिल किया गया है। इस चयन से उनके फैंस बेहद उत्साहित थे, खासकर तब जब उन्होंने टूर्नामेंट से ठीक पहले उत्तर प्रदेश टी20 लीग में शतकीय पारी खेलकर अपनी फॉर्म का सबूत पेश कर दिया। मेरठ मैवरिक्स के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने गोरखपुर लायंस के खिलाफ सिर्फ 48 गेंदों में 108 रन ठोके, जिसमें आठ छक्के और सात चौके शामिल थे। यह पारी उनकी बल्लेबाजी क्षमता और फिनिशिंग स्किल का शानदार नमूना थी, लेकिन सवाल यह है कि क्या उन्हें एशिया कप में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा?
असलियत यह है कि रिंकू सिंह के लिए प्लेइंग इलेवन तक पहुंचना आसान नहीं दिखता। भारतीय टीम जिस पोजीशन पर उन्हें खिलाने पर विचार कर सकती है, वहां पहले से ही कई बड़े नाम मौजूद हैं। हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर्स टीम में मौजूद हैं, जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी का विकल्प भी प्रदान करते हैं। यही नहीं, विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा भी फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के पास पहले से ही कई विकल्प मौजूद हैं, जिससे रिंकू सिंह का मौका सीमित हो जाता है।
हालांकि, रिंकू सिंह ने हाल ही में अपनी भूमिका में सुधार लाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। यूपी टी20 लीग में उन्होंने गेंदबाजी भी की और दो मैचों में एक विकेट झटका। यह संकेत है कि वह खुद को सिर्फ बल्लेबाज तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि टीम को ऑलराउंड विकल्प देने के लिए मेहनत कर रहे हैं। लेकिन जब तुलना उन खिलाड़ियों से होती है जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेंद और बल्ले दोनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, तो रिंकू के लिए यह सफर अभी कठिन दिखाई देता है।
फैंस के लिए यह स्थिति थोड़ी निराशाजनक हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि शतक जैसी पारी के बाद रिंकू सिंह को एशिया कप में बड़ा मौका मिलेगा। मगर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का ध्यान फिलहाल उन खिलाड़ियों पर है जो स्थायी रूप से टीम को बैलेंस दे सकते हैं। यही वजह है कि रिंकू इस टूर्नामेंट में शायद बैकअप खिलाड़ी की भूमिका में ही नजर आएं। संभावना यह भी है कि उन्हें टीम का हिस्सा बनने के बावजूद मैदान पर पानी पिलाते हुए देखा जाए, बजाय इसके कि वह बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पलटते।
फिर भी, इसमें कोई शक नहीं कि रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा नाम बन सकते हैं। उनकी बल्लेबाजी क्षमता, फिनिशिंग स्किल और अब गेंदबाजी की शुरुआत उन्हें भविष्य के लिए मजबूत विकल्प बना सकती है। सवाल सिर्फ इतना है कि क्या टीम मैनेजमेंट उन पर भरोसा जताने के लिए सही वक्त चुनेगा या उन्हें इंतजार करना पड़ेगा।
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