गाजियाबाद: GST अधिकारी रेनू पांडेय रिश्वत के आरोप में निलंबित
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तैनात GST अधिकारी रेनू पांडेय 3.5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोपों में घिर गई हैं। राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने उनके खिलाफ ऑडियो और वीडियो सबूतों के आधार पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है और साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। रेनू पांडेय इससे पहले अपने वरिष्ठ अधिकारी संदीप भागीय के खिलाफ महिला अफसरों के उत्पीड़न का मामला उठा चुकी थीं।
मामला 12 जुलाई 2025 का है। आरोप है कि उस दिन गाजियाबाद में ड्यूटी पर तैनात रेनू पांडेय ने मेसर्स बडी इंटरप्राइजेज, लखनऊ की गाड़ी को रोककर अवैध रूप से 3.5 लाख रुपये की रिश्वत ली। शिकायत के साथ प्रदान किए गए फोन कॉल की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग जांच में पुख्ता सबूत मानी गई और इन्हीं के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
राज्य कर आयुक्त ने आदेश में कहा कि रेनू पांडेय के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया वे दोषी पाई गई हैं। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम-7 के तहत औपचारिक जांच शुरू की गई है। जांच की जिम्मेदारी जोन प्रथम वाराणसी के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सिंह को सौंपी गई है।
निलंबन की अवधि के दौरान रेनू पांडेय को उनके वर्तमान पद से अलग कर वाराणसी जोन द्वितीय, आजमगढ़ से संबद्ध किया गया है। इस दौरान वे किसी प्रशासनिक या वित्तीय कार्य में शामिल नहीं होंगी। इस मामले ने विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
जांच पूरी होने के बाद यदि रेनू पांडेय दोषी पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की संभावना है। विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने और साख बचाने के लिए यह कदम उठाया है।
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