माधुरी दीक्षित के पहले हीरो का निधन, बंगाली सिनेमा में बनाया था बड़ा नाम
माधुरी दीक्षित ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म अबोध से की थी। इस फिल्म से न सिर्फ माधुरी बल्कि उनके हीरो तापस पॉल ने भी बॉलीवुड में कदम रखा था। हालांकि माधुरी को असली पहचान 1988 की फिल्म तेजाब से मिली, लेकिन उनके पहले को-स्टार तापस पॉल पहले ही बंगाली फिल्मों के जाने-माने सितारे बन चुके थे।
तापस पॉल का फिल्मी सफर बेहद दिलचस्प रहा। उनकी पहली फिल्म दादर कीर्ति साल 1980 में आई थी। कहा जाता है कि ट्रेन यात्रा के दौरान एक असिस्टेंट डायरेक्टर ने उन्हें देखा और फिल्म के लिए चुन लिया। तापस ने इस फिल्म में केदार का रोल निभाया और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने भालोबासा भालोबासा जैसी सुपरहिट फिल्में भी दीं।
बंगाली सिनेमा में तापस पॉल और देबाश्री रॉय की जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा। दोनों ने मिलकर कई हिट फिल्में दीं, जिनमें अर्पण, सुरेर साथी, नयनमणि, शुभा कामना और टोबू मोने रेखो जैसी फिल्में शामिल हैं। अपने शानदार अभिनय के दम पर तापस को फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया था।
फिल्मों के साथ ही तापस पॉल ने राजनीति में भी कदम रखा। साल 2014 में वह सांसद बने, लेकिन 2016 में उन्हें चिटफंड मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। करीब 13 महीने जेल में बिताने के बाद वह रिहा हुए। इसके कुछ साल बाद, 2020 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
माधुरी दीक्षित भले ही बॉलीवुड की धक-धक गर्ल बनकर लंबे समय तक दर्शकों के दिलों पर राज करती रहीं, लेकिन उनके पहले हीरो तापस पॉल ने भी बंगाली सिनेमा में उतनी ही गहरी छाप छोड़ी। आज भी उनकी फिल्में दर्शकों को याद दिलाती हैं कि उन्होंने कितनी मजबूत अदाकारी की थी।
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