न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 में होंगे ये खास बदलाव, कमेटी ने दिए 10 बड़े सुझाव
केंद्र सरकार 11 अगस्त, 2025 को संसद में नया इनकम टैक्स बिल पेश करने जा रही है। इस बिल को लेकर पहले ही सेलेक्ट कमेटी ने गहराई से समीक्षा कर कई अहम सुझाव दिए हैं। कमेटी ने कुल 566 सुझावों की सिफारिश की है, जिनका उद्देश्य आयकर कानून को सरल, स्पष्ट और आधुनिक बनाना है। इन बदलावों से टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और टैक्सपेयर्स के लिए प्रक्रिया आसान होगी।
सेलेक्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बिल में परिभाषाओं को और स्पष्ट किया जाए ताकि भ्रम दूर हो सके। इसके साथ ही बिल को मौजूदा सिस्टम के साथ बेहतर तरीके से तालमेल बिठाने की सलाह दी गई है। खास बात यह है कि समिति ने लेट आईटीआर फाइल करने पर रिफंड रोकने वाले नियम को हटाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे टैक्सपेयर्स को फायदा होगा।
कमेटी ने धारा 80एम में बदलाव सुझाए हैं, जो खास तौर पर उन कंपनियों के लिए है जो विशेष टैक्स रेट पर काम करती हैं। इसके अलावा, जीरो टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करने की अनुमति देने, माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज की परिभाषा को MSME एक्ट के अनुसार तय करने और प्रोविडेंट फंड पर टीडीएस जैसी महत्वपूर्ण बातें भी शामिल हैं।
हालांकि, इन सुझावों में टैक्स दरों में बदलाव की कोई सिफारिश नहीं हुई है। लेकिन चर्चा में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स रेट पर संभावित बदलाव की बात उठी थी। समिति ने अडवांस रूलिंग फीस, पेनल्टी पावर्स और लोअर टैक्स सर्टिफिकेट पर भी स्पष्टता लाने के लिए बिल में बदलाव सुझाए हैं, जो टैक्स सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
इस बिल के लागू होने से टैक्स कानूनों की जटिलता कम होगी और कारोबारियों तथा आम जनता दोनों के लिए नियम समझना और पालन करना आसान होगा। आने वाले दिनों में संसद में इस बिल पर चर्चा के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा, लेकिन यह बदलाव देश के टैक्स ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार की दिशा में कदम साबित होंगे।
Share this content:
