May 4, 2026

DSP की मार और ASP का वार: इंग्लैंड को धराशायी करने वाले ‘तेलंगाना के तीन सिपाही’

ओवल टेस्ट में टीम इंडिया की धमाकेदार जीत ने क्रिकेट प्रेमियों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया, लेकिन इस जीत की असली कहानी उस ‘त्रिशक्ति’ की है, जिसने अंग्रेजी बल्लेबाज़ी की रीढ़ तोड़ दी। इस जीत के हीरो सिर्फ मोहम्मद सिराज (DSP) नहीं थे, बल्कि उनके साथ दो और सिपाही भी थे—आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा—जिन्होंने मिलकर ‘ASP’ यानी “आकाश-सराज-प्रसिद्ध” के रूप में मैदान पर कहर बरपा दिया। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर एक नई टैगलाइन ट्रेंड कर रही है – “DSP ही नहीं, ASP से भी हारा इंग्लैंड।”

तेलंगाना पुलिस ने मोहम्मद सिराज को उनकी असली पहचान यानी एक पुलिस अधिकारी के रूप में भी सलामी दी है। मैदान पर उनकी धारदार गेंदबाज़ी और मैदान के बाहर उनकी ड्यूटी—दोनों ही रोल में सिराज ने देश का सिर ऊँचा किया है। सिराज ने ओवल टेस्ट में 9 विकेट चटकाए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने। पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर उन्होंने इंग्लैंड की कमर तोड़ दी।

लेकिन इस टेस्ट की पटकथा में एक और नाम बड़े अक्षरों में लिखा गया—आकाश दीप। उन्होंने गेंद से तो वैसा प्रभाव नहीं छोड़ा, लेकिन बल्ले से वो एक वीर की तरह लड़े। बतौर नाइट वॉचमैन उतरे आकाश ने दूसरी पारी में 66 रन की जबरदस्त पारी खेली। यही नहीं, उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ तीसरे विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी भी की। उनकी इस पारी ने इंग्लैंड के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा करने की नींव रखी, जिसे बाद में सिराज और प्रसिद्ध ने ढहा दिया।

प्रसिद्ध कृष्णा भले ही इस टेस्ट में ज्यादा सुर्खियों में न रहे हों, लेकिन गेंद से उनका सपोर्ट सिराज को बेहद काम आया। उन्होंने बिन थके लंबे स्पेल डाले और विरोधी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनके संयम और लाइन-लेंथ ने सिराज को अटैक करने की छूट दी, जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाज खुलकर खेल नहीं सके।

भारत की इस जीत में जहां एक ओर युवा कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी की चर्चा हो रही है, वहीं ‘ASP’ ब्रिगेड की धाकड़ परफॉर्मेंस इस टेस्ट को ऐतिहासिक बना गई। सोशल मीडिया पर लोग आकाश दीप की तुलना ‘अंडरडॉग हीरो’ से कर रहे हैं, वहीं सिराज को असली पुलिस वाला कहते हुए तेलंगाना पुलिस भी गर्व जता रही है।

ओवल टेस्ट अब केवल एक जीत नहीं रहा, बल्कि यह ‘तीन सिपाहियों’ की वीरगाथा बन गया है, जिन्होंने मैदान में शौर्य दिखाकर क्रिकेट प्रेमियों को एक नई परिभाषा दी—जब गेंद और बल्ला देशभक्ति से मिले हों, तब DSP और ASP भी विरोधी टीम को घुटनों पर ला सकते हैं।

ओवल टेस्ट में टीम इंडिया की धमाकेदार जीत ने क्रिकेट प्रेमियों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया, लेकिन इस जीत की असली कहानी उस ‘त्रिशक्ति’ की है, जिसने अंग्रेजी बल्लेबाज़ी की रीढ़ तोड़ दी। इस जीत के हीरो सिर्फ मोहम्मद सिराज (DSP) नहीं थे, बल्कि उनके साथ दो और सिपाही भी थे—आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा—जिन्होंने मिलकर ‘ASP’ यानी “आकाश-सराज-प्रसिद्ध” के रूप में मैदान पर कहर बरपा दिया। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर एक नई टैगलाइन ट्रेंड कर रही है – “DSP ही नहीं, ASP से भी हारा इंग्लैंड।”

तेलंगाना पुलिस ने मोहम्मद सिराज को उनकी असली पहचान यानी एक पुलिस अधिकारी के रूप में भी सलामी दी है। मैदान पर उनकी धारदार गेंदबाज़ी और मैदान के बाहर उनकी ड्यूटी—दोनों ही रोल में सिराज ने देश का सिर ऊँचा किया है। सिराज ने ओवल टेस्ट में 9 विकेट चटकाए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने। पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर उन्होंने इंग्लैंड की कमर तोड़ दी।

लेकिन इस टेस्ट की पटकथा में एक और नाम बड़े अक्षरों में लिखा गया—आकाश दीप। उन्होंने गेंद से तो वैसा प्रभाव नहीं छोड़ा, लेकिन बल्ले से वो एक वीर की तरह लड़े। बतौर नाइट वॉचमैन उतरे आकाश ने दूसरी पारी में 66 रन की जबरदस्त पारी खेली। यही नहीं, उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ तीसरे विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी भी की। उनकी इस पारी ने इंग्लैंड के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा करने की नींव रखी, जिसे बाद में सिराज और प्रसिद्ध ने ढहा दिया।

प्रसिद्ध कृष्णा भले ही इस टेस्ट में ज्यादा सुर्खियों में न रहे हों, लेकिन गेंद से उनका सपोर्ट सिराज को बेहद काम आया। उन्होंने बिन थके लंबे स्पेल डाले और विरोधी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनके संयम और लाइन-लेंथ ने सिराज को अटैक करने की छूट दी, जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाज खुलकर खेल नहीं सके।

भारत की इस जीत में जहां एक ओर युवा कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी की चर्चा हो रही है, वहीं ‘ASP’ ब्रिगेड की धाकड़ परफॉर्मेंस इस टेस्ट को ऐतिहासिक बना गई। सोशल मीडिया पर लोग आकाश दीप की तुलना ‘अंडरडॉग हीरो’ से कर रहे हैं, वहीं सिराज को असली पुलिस वाला कहते हुए तेलंगाना पुलिस भी गर्व जता रही है।

ओवल टेस्ट अब केवल एक जीत नहीं रहा, बल्कि यह ‘तीन सिपाहियों’ की वीरगाथा बन गया है, जिन्होंने मैदान में शौर्य दिखाकर क्रिकेट प्रेमियों को एक नई परिभाषा दी—जब गेंद और बल्ला देशभक्ति से मिले हों, तब DSP और ASP भी विरोधी टीम को घुटनों पर ला सकते हैं।

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