महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के तीन बड़े कारण, समय रहते जानें और बचें इस जानलेवा बीमारी से!
अगर आप 30 की उम्र पार कर चुकी हैं तो अब आपको एक गंभीर खतरे के प्रति सतर्क हो जाना चाहिए – सर्वाइकल कैंसर। यह कैंसर धीरे-धीरे शरीर में फैलता है और जब तक इसके लक्षण गंभीर न हो जाएं, तब तक कई बार नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन समय रहते इसकी पहचान और बचाव संभव है, और अच्छी खबर यह है कि 90 फीसदी तक इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दुनिया का चौथा सबसे आम कैंसर है। भारत में यह बीमारी 30 की उम्र के बाद महिलाओं में तेजी से बढ़ती है, लेकिन जानकारी की कमी और लापरवाही के चलते इसके लक्षणों को सामान्य समझकर टाल दिया जाता है। खासकर थकान, पीठ दर्द, अनियमित पीरियड्स जैसे संकेत अगर बार-बार महसूस हों, तो सतर्क हो जाना चाहिए।
अब जानते हैं इस बीमारी के पीछे छिपे तीन सबसे बड़े कारण।
पहला कारण है HPV वायरस, यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस। यह एक यौन संचारित वायरस है जो संक्रमित पार्टनर से फैलता है। हालांकि हर एचपीवी संक्रमण कैंसर में नहीं बदलता, लेकिन अगर यह वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रहे और इम्यून सिस्टम कमजोर हो तो यह सर्वाइकल की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर सकता है, जिससे कैंसर की शुरुआत हो सकती है।
दूसरा बड़ा कारण है धूम्रपान। रिसर्च में पाया गया है कि जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं या नियमित रूप से उसके धुएं के संपर्क में आती हैं, उनमें सर्वाइकल कैंसर का खतरा अधिक होता है। तंबाकू शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, जिससे वायरस के खिलाफ शरीर की लड़ाई कमजोर पड़ जाती है।
तीसरा और अनदेखा किया जाने वाला कारण है गुप्तांगों से असामान्य डिसचार्ज। अगर आपको लंबे समय से वजाइना से दुर्गंधयुक्त डिसचार्ज हो रहा है, या पीरियड्स अनियमित हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये लक्षण सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती चेतावनियों में से एक हो सकते हैं।
अब बात करते हैं बचाव की।
सबसे जरूरी है HPV वैक्सीन। ये वैक्सीन 9 से 14 साल की उम्र की लड़कियों को लगवानी चाहिए ताकि भविष्य में शरीर को इस वायरस से लड़ने की ताकत मिले। इसके अलावा, हर महिला को 30 की उम्र के बाद नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए, जिससे शुरुआती अवस्था में ही बीमारी का पता चल सके।
साथ ही, जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी है – संतुलित आहार लें, धूम्रपान से बचें और यौन संबंधों में सुरक्षा बरतें। और अगर शरीर बार-बार थकान, पीठ या पेट में दर्द, सेक्स के बाद ब्लीडिंग या बदबूदार डिसचार्ज जैसे संकेत दे रहा है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। क्योंकि वक्त रहते किया गया एक छोटा कदम, एक बड़ी बीमारी से आपकी जिंदगी को बचा सकता है।
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