May 4, 2026

ऑनलाइन गेमिंग में गंवाए पैसे, डांट पड़ी तो 13 साल के मासूम ने की खुदकुशी

मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 13 वर्षीय छात्र ने मोबाइल गेम की लत और मां की नाराजगी के चलते आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अकलंक जैन के रूप में हुई है, जो सातवीं कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि वह फ्री फायर सहित कई ऑनलाइन गेम्स का आदी था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि अकलंक ने गेम के टास्क को पूरा करने के लिए अपनी मां के डेबिट कार्ड से 3000 रुपये खर्च कर दिए थे। जब मां को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने उसे डांटा। डांट सुनने के बाद अकलंक अपने कमरे में चला गया और थोड़ी देर बाद उसने फांसी लगाकर जान दे दी। यह सब कुछ तब उजागर हुआ जब उसका छोटा भाई अविकल कमरे में पहुंचा और भाई को फंदे पर लटका देख चीखते हुए बाहर भागा।

घटना के तुरंत बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अकलंक के पिता अंकेश जैन एक ऑटो पार्ट्स व्यापारी हैं और परिवार में हाल ही में बेटे का जन्मदिन मनाया गया था। घर में खुशियों का माहौल था, जो अब मातम में बदल चुका है। अकलंक का सपना था कि वह बड़ा होकर फुटबॉलर बने और देश के लिए खेलकर पदक जीते।

यह सिर्फ एक मामला नहीं है। इंदौर में बीते कुछ महीनों में इस तरह के 10 से अधिक केस सामने आ चुके हैं, जहां बच्चों ने ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लिया। यह घटनाएं एक गंभीर चेतावनी हैं कि मोबाइल गेम अब सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।

सरकार और समाज को अब गंभीरता से यह सोचना होगा कि किस हद तक डिजिटल कंटेंट बच्चों की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है। पैरेंट्स को भी बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार पर सतर्क निगरानी रखनी होगी, वरना यह गेमिंग का ‘खेल’ कई और मासूमों की जान ले सकता है।

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