भारत नहीं, इन देशों में देना पड़ता है सबसे ज्यादा टैक्स – जानिए टॉप टैक्स कलेक्टिंग नेशंस की लिस्ट
दुनिया के कई विकसित देश अपने नागरिकों से भारी-भरकम टैक्स वसूलते हैं. भारत में अधिकतम व्यक्तिगत इनकम टैक्स की दर भले ही 30% हो (सरचार्ज और सेस मिलाकर कुछ मामलों में करीब 43%), लेकिन कई ऐसे देश हैं जहां इनकम टैक्स की दर 50% से भी अधिक है. ऐसे देशों में टैक्स देने के बाद नागरिकों की आधी कमाई सीधे सरकार के पास चली जाती है.
उदाहरण के तौर पर स्वीडन, डेनमार्क और जापान जैसे देशों में टैक्स दरें 50% से ऊपर जाती हैं. स्वीडन में अधिकतम इनकम टैक्स करीब 57% तक पहुंचता है, वहीं डेनमार्क में यह 55.9% और जापान में लगभग 55.9% है. इन देशों में टैक्स का बड़ा हिस्सा शिक्षा, हेल्थकेयर और वेलफेयर स्कीम्स में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे नागरिकों को कई सामाजिक लाभ मिलते हैं.
इसके अलावा फ्रांस, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, आयरलैंड और नीदरलैंड्स जैसे देश भी इस सूची में शामिल हैं, जहां इनकम टैक्स की दरें 48% से 54% तक रहती हैं. भारत इस तुलना में टैक्स के मामले में बहुत पीछे है और उसे ‘हाई टैक्स देश’ नहीं माना जाता. हालांकि, टैक्स स्लैब और कंप्लायंस की जटिलताओं को लेकर भारत में चर्चा होती रहती है, लेकिन दरों की बात करें तो कई देशों की तुलना में यहां करदाताओं को राहत ही मिलती है.
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