विदेशी निवेशकों का भारत से मोहभंग, 9 दिन में बाजार से निकाले 27,000 करोड़ रुपये
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाता दिख रहा है। बीते 9 ट्रेडिंग सेशन में उन्होंने कुल मिलाकर 27,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की है। यह गिरावट बाजार की अस्थिरता और वैश्विक संकेतों के चलते देखी जा रही है, जिसने विदेशी फंड्स को भारतीय इक्विटी से दूर कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना, डॉलर में मजबूती और भारत में कुछ सेक्टर्स में वैल्यूएशन की अधिकता जैसी वजहें निवेशकों को चिंता में डाल रही हैं। इसके अलावा घरेलू स्तर पर महंगाई और आगामी नीतिगत फैसलों को लेकर अनिश्चितता भी निवेशकों के रुख को प्रभावित कर रही है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बीते कुछ महीनों में भारतीय बाजार में जमकर पैसा लगाया था, लेकिन अब वे मुनाफावसूली की राह पर हैं। यह प्रवृत्ति न केवल भारतीय शेयर बाजार में दबाव ला रही है, बल्कि मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता नहीं आती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों पर स्पष्ट नीति नहीं बनती, तब तक विदेशी निवेशकों का सतर्क रुख जारी रह सकता है।
फिलहाल घरेलू निवेशक बाजार को सहारा दे रहे हैं, लेकिन लगातार विदेशी निकासी से सेंसेक्स और निफ्टी में दबाव बना रह सकता है, जिससे आने वाले दिनों में निवेशकों को और सतर्कता बरतनी पड़ सकती है।
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