May 5, 2026

खामेनेई के खिलाफ इटली में बनी नई रणनीति, रोम में जुटे ईरान विरोधी हजारों कार्यकर्ता

इटली की राजधानी रोम में ईरान की सत्ता को चुनौती देने वाला एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रतिबंधित ईरानी संगठन मुजाहिद्दीन-ए-खल्क (MEK) ने गुरुवार को एक विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें करीब 10 हजार ईरान विरोधी प्रदर्शनकारी शामिल हुए। इनका मकसद था- ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से हटाना और कट्टरपंथी शासन के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना।

रैली में शामिल प्रदर्शनकारी सिर पर स्कार्फ बांधे हुए थे और उन्होंने लोकतंत्र तथा मानवाधिकारों की बहाली की मांग की। आयोजन की थीम थी – “न जंग, न झुकाव – बदलाव जनता के हाथों।” इस कार्यक्रम में अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के कई पूर्व शीर्ष राजनेता भी शामिल हुए, जिन्होंने खुले तौर पर ईरानी शासन की आलोचना की। न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर रूडी गिउलियानी, ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली और यूरोपीय परिषद के पूर्व अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल जैसे नाम इस विरोध में शामिल रहे।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इस रैली के दौरान मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के प्रमुख नेता की रोम में ईरान के निर्वासित शहजादे रेजा पहलवी से मुलाकात होने की संभावना है। रेजा फिलहाल जर्मनी के म्यूनिख में हैं और उन्हें ईरान में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का प्रतीक माना जाता है। हाल ही में ईरान सरकार ने आरोप लगाया था कि देश की सत्ता को अस्थिर करने के लिए सीमापार से हथियारों की तस्करी हो रही है।

ईरान में MEK संगठन की छवि विवादित रही है। 1970 के दशक में इस समूह ने शाह के शासन और अमेरिका के ठिकानों पर हमले किए थे। हालांकि, 1979 की ईरानी क्रांति के दौरान यह अन्य गुटों से अलग हो गया और तब से तेहरान सरकार का विरोध करता आ रहा है। वर्तमान में इसके प्रमुख नेता पेरिस में रह रहे हैं, जबकि इसके लगभग 2500 कार्यकर्ता अल्बानिया में शरण लिए हुए हैं, जिन्हें राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा गया है।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी ईरान में मौजूदा शासन की नीतियों को लेकर चिंता जताई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने विरोधियों पर चल रहे मुकदमों को पक्षपाती बताया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में ईरान ने कम से कम 901 लोगों को फांसी दी, जो कि 2015 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है। रोम में हुआ यह आयोजन अब इस पूरी मुहिम को वैश्विक रंग देता दिख रहा है, जो ईरान में बदलाव के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

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