May 26, 2026

आगरा में धर्मांतरण सिंडिकेट का भंडाफोड़: गेमिंग के ज़रिए ब्रेनवॉश, क्रिप्टो से फंडिंग, पाकिस्तान और कश्मीर से कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने एक बेहद खतरनाक और सुनियोजित धर्मांतरण सिंडिकेट का खुलासा किया है, जिसे ‘मिशन अस्मिता’ नाम दिया गया है। आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के मुताबिक, इस रैकेट के माध्यम से 14 से 15 साल के लड़के-लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा था। अब तक इस मामले में 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें आयशा और अब्दुल रहमान प्रमुख नाम हैं। पुलिस की जांच में इस गिरोह के तार पाकिस्तान और कश्मीर तक जुड़े पाए गए हैं।

गिरोह का कामकाज बेहद शातिर तरीके से किया जा रहा था। ऑनलाइन गेमिंग के जरिए युवाओं से संपर्क किया जाता था और बाद में उन्हें ‘बौद्धिक विमर्श’ के नाम पर मानसिक रूप से प्रभावित किया जाता था। खासतौर पर मानसिक रूप से परेशान या असंतुष्ट युवाओं को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जाता था। धर्मांतरण के बाद इन युवाओं को ‘रिवर्टी’ कहा जाता था और उन्हें इस्लामिक जमातों में भेजकर इस्लामी शिक्षा दी जाती थी।

जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का संचालन पाकिस्तान के तनवीर अहमद और साहिल अदीब नाम के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा किया जा रहा था। अब्दुल रहमान क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए फिलिस्तीन में फंडिंग करता था, जबकि तीन अन्य सदस्य डार्क वेब का इस्तेमाल कर रहे थे। इस पूरी साजिश में कश्मीर की लड़कियों का एक सक्रिय समूह भी शामिल था, जो युवाओं को कश्मीर बुलाने, ठहराने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम करता था।

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह केवल धर्मांतरण का मामला नहीं, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। पाकिस्तान से सीधे निर्देश मिलने और क्रिप्टो के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय फंडिंग की पुष्टि इस पूरे नेटवर्क को खतरनाक बना देती है। पुलिस की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

इस खुलासे ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। सोशल मीडिया, डार्क वेब और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिये कैसे युवाओं को गुमराह किया जा रहा है, यह मामला उसका बेहद गंभीर उदाहरण है।

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