प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर दिल दहलाने वाला मंजर: 10 घंटे तक रौंदी जाती रही महिला की लाश, हाथ में टैटू से हुई पहचान की कोशिश
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर बुधवार सुबह एक बेहद भयावह नज़ारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। महाराजपुर के पास कुलगांव फ्लाईओवर से पहले एक महिला का शव टुकड़ों में बिखरा मिला, जो करीब दो सौ मीटर तक फैला हुआ था। सड़क से गुजर रहे वाहन रातभर शव को रौंदते रहे, जिससे लाश पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गई। जब पुलिस पहुंची तो शव के नाम पर सिर्फ एक हाथ बचा था, जिसमें ‘पीपीआरएन’ लिखा एक टैटू नजर आया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह हादसा रात करीब 10 से 12 बजे के बीच हुआ होगा, लेकिन अंधेरे और तेज रफ्तार वाहनों के चलते किसी ने गौर नहीं किया। सुबह करीब छह बजे जब लोग घरों से बाहर निकले तो सड़क पर खून और मांस के लोथड़े फैले देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के बचे हुए हिस्सों को समेटा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला के हाथ में पीतल की एक चूड़ी और एक चप्पल भी मिली है, जिससे उसकी पहचान करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
इस हादसे ने न केवल आम लोगों को बल्कि पुलिस को भी सन्न कर दिया। शुरुआत में शव की हालत इतनी खराब थी कि यह भी तय कर पाना मुश्किल हो गया था कि वह किसी महिला का है या पुरुष का। बाद में हाथ में मिले गहनों और टैटू के आधार पर अनुमान लगाया गया कि मृतका महिला है। अब पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुराग तलाश रही है।
हालांकि, पुलिस इस मामले को महज सड़क हादसा मानने के बजाय हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि कहीं महिला की हत्या करके उसका शव जानबूझकर हाईवे पर न फेंक दिया गया हो, ताकि रौंदने के बाद उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाए। शव की हालत को देखते हुए ऐसा भी प्रतीत होता है कि किसी ने उसे सुनियोजित तरीके से हाईवे पर छोड़ा है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और आसपास के गांवों में महिला की पहचान के लिए पड़ताल जारी है। यह मामला न सिर्फ मानवता को झकझोरने वाला है, बल्कि सिस्टम की लापरवाही को भी उजागर करता है, जहां एक लाश 10 घंटे तक हाईवे पर पड़ी रही और किसी ने उसे हटाने की कोशिश तक नहीं की।
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