11334 करोड़ की डील से ECB हुआ मालामाल, इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ लीग में IPL टीमों की एंट्री, काव्या मारन ने खरीदी पूरी टीम
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की लोकप्रियता अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी टीमें अब विदेशों की क्रिकेट लीगों में भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। इसी कड़ी में अब इंग्लैंड की प्रमुख टी20 लीग ‘द हंड्रेड’ में IPL की चार बड़ी टीमों ने निवेश किया है। इस निवेश से इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को करीब 11334 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जो क्रिकेट के व्यावसायिक इतिहास में एक बड़ी डील मानी जा रही है।
ECB ने आधिकारिक बयान में बताया कि आईपीएल की जिन टीमों ने ‘द हंड्रेड’ लीग में हिस्सेदारी ली है, उनमें सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की ओनर सन टीवी नेटवर्क, लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक आरपीएसजी ग्रुप, दिल्ली कैपिटल्स (DC) के को-ओनर जीएमआर ग्रुप और मुंबई इंडियंस (MI) के मालिक रिलायंस ग्रुप शामिल हैं। इन टीमों को अक्टूबर 2025 से संचालन का अधिकार मिलेगा।
इस डील में सबसे बड़ी बात यह रही कि काव्या मारन की सनराइजर्स हैदराबाद ने नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स नाम की टीम में 100 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की है। काव्या इससे पहले साउथ अफ्रीका की टी20 लीग में भी अपनी टीम ‘सनराइजर्स ईस्टर्न केप’ के ज़रिए सक्रिय रही हैं। वहीं, आरपीएसजी ग्रुप ने मैनचेस्टर ओरिजिनल्स में 70 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है, जिससे लखनऊ फ्रेंचाइज़ी का दबदबा भी इंग्लैंड में बढ़ेगा।
अन्य डील्स की बात करें तो जीएमआर ग्रुप को सदर्न ब्रेव में 49 फीसदी, जबकि मुकेश अंबानी की रिलायंस को ओवल इनविंसिबल्स में 49 फीसदी हिस्सेदारी मिलने जा रही है। इन सभी निवेशों की बदौलत इंग्लैंड क्रिकेट को ना सिर्फ वित्तीय मजबूती मिली है, बल्कि इसका असर वहां के घरेलू और जमीनी स्तर के क्रिकेट पर भी देखने को मिलेगा।
ECB के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने इस मौके पर कहा कि ‘द हंड्रेड’ पहले ही इंग्लैंड और वेल्स में खेल के विस्तार में अहम भूमिका निभा रही है और अब नए निवेशकों के आने से क्रिकेट का दायरा और भी व्यापक होगा। इस डील को लेकर क्रिकेट जगत में काफी उत्साह है और माना जा रहा है कि यह कदम अन्य देशों की लीगों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
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