ट्रंप ने बदला पाकिस्तान के प्रति रुख, 7 साल में आया बड़ा मोड़
डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में पाकिस्तान को आतंकवाद का पनाहगार करार दिया था और कड़ा रुख अपनाया था। उस वक्त ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को अरबों डॉलर की मदद दी, लेकिन बदले में धोखा ही मिला। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार पर अफगानिस्तान में आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया था और सैन्य सहायता भी रोक दी थी। लेकिन 7 साल बाद इस पूरी तस्वीर में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है।
हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के योगदान की सराहना की गई। दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने और खनिज क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर भी चर्चा की। यह संकेत है कि अमेरिका अब पाकिस्तान के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
ट्रंप ने पिछले महीने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनिर के साथ भी मुलाकात की। यह पहली बार था जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को आधिकारिक तौर पर लंच पर आमंत्रित किया। इस मुलाकात को ट्रंप की तरफ से पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्तों का संकेत माना जा रहा है, खासकर तब जब जनरल मुनिर ने ट्रंप को भारत-पाकिस्तान संघर्ष कम करने के लिए श्रेय दिया था।
इस बदलाव के चलते अमेरिका-पाकिस्तान के संबंधों में नयापन आ गया है। जहां पहले ट्रंप की नीतियां सख्त और आलोचनात्मक थीं, वहीं अब सहयोग और साझेदारी की बात हो रही है। यह मोड़ न केवल दक्षिण एशिया की राजनीति में बदलाव का संकेत है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका की रणनीति में भी नए आयाम जोड़ता दिखता है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बदलाव का पाकिस्तान के क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर क्या असर पड़ता है। साथ ही यह भी पता चलेगा कि ट्रंप की नई रणनीति से भारत-पाकिस्तान संबंधों में क्या नया समीकरण बनता है।
Share this content:
