महादायी जल विवाद: गोवा-कर्नाटक के बीच तनातनी तेज, डीके शिवकुमार बोले- प्रमोद सावंत ने खोया मानसिक संतुलन
महादायी नदी के जल बंटवारे को लेकर गोवा और कर्नाटक के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के विधानसभा में दिए गए बयान के बाद इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सावंत ने आरोप लगाया कि कर्नाटक महादायी नदी का जल प्रवाह मोड़ने की कोशिश कर रहा है, जिसे केंद्र सरकार स्वीकार नहीं करेगी और इस पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की जाएगी।
इस बयान पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री ने मानसिक संतुलन खो दिया है और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि राज्यों के बीच सहयोग की भावना कैसी होनी चाहिए। शिवकुमार ने यह भी कहा कि वह परियोजना पर कार्य शुरू करने जा रहे हैं और अगर कोई इसे रोकना चाहता है, तो कोशिश कर ले।
विवाद के बीच प्रमोद सावंत का पलटवार भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यही कल्चर है, वे इसी तरह की भाषा का प्रयोग करते आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट और महादायी जल विवाद न्यायाधिकरण में है, और वे भारत सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखेंगे। सावंत ने यह भी कहा कि महादायी के लिए अगर भारत सरकार से अनुरोध करना पड़े या लोगों के साथ मिलकर संघर्ष करना पड़े, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
महादायी नदी कुल 77 किलोमीटर लंबी है, जिसमें से लगभग 52 किलोमीटर गोवा में और 29 किलोमीटर कर्नाटक में है। दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से इस जल स्रोत को लेकर विवाद चला आ रहा है। कर्नाटक इस जल को उत्तरी क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई के लिए उपयोग करना चाहता है, वहीं गोवा का आरोप है कि इससे उनके राज्य की पारिस्थितिकी और पानी की उपलब्धता पर असर पड़ेगा।
अब यह मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचने की कगार पर है और दोनों राज्यों के नेताओं की बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। इस विवाद का समाधान कितना जल्दी निकलता है, यह केंद्र सरकार और न्यायपालिका की सक्रियता पर निर्भर करेगा।
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