May 5, 2026

बांग्लादेश के 6 इस्लामिक बैंकों में हजारों करोड़ का घोटाला उजागर, अंतरराष्ट्रीय ऑडिट में खुली पोल

बांग्लादेश की बैंकिंग व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। हाल ही में सामने आए एक गंभीर मामले में देश के छह प्रमुख शरिया-आधारित इस्लामिक बैंकों में भारी वित्तीय धांधलियों का पर्दाफाश हुआ है। अंतरराष्ट्रीय ऑडिट फर्म KPMG और Ernst & Young द्वारा की गई फॉरेंसिक जांच में यह सामने आया कि इन बैंकों के नॉन-परफॉर्मिंग लोन (NPL) पहले से चार गुना तक बढ़ चुके हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

यह ऑडिट एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से जनवरी 2025 में शुरू किया गया था। इस जांच में जिन छह बैंकों की समीक्षा की गई उनमें First Security Islami Bank, Social Islami Bank, Union Bank, Global Islami Bank, ICB Islamic Bank और Exim Bank शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ये बैंक लंबे समय से अपने वित्तीय आंकड़ों में हेरफेर करते आ रहे थे और रेगुलेटरी संस्थाओं को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं करा रहे थे।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ी धांधली तीन बैंकों में पाई गई। First Security Islami Bank का वास्तविक NPA अनुपात 96.37% था, जबकि बैंक की ओर से यह आंकड़ा मात्र 21.48% बताया गया था। Union Bank का भी यही हाल रहा, जहां NPA का वास्तविक अनुपात 97.80% रहा, जो घोषित 44% से कहीं ज्यादा था। Global Islami Bank में यह अनुपात 95% पाया गया, जबकि पहले यह केवल 27% बताया गया था।

इतना ही नहीं, AQR (एसेट क्वालिटी रिव्यू) रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि इन बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी भंडार नहीं है। सितंबर 2024 तक सभी छह बैंकों के संयुक्त प्रावधान की कमी 1.15 लाख करोड़ टका तक पहुंच चुकी थी। यह गंभीर पूंजी संकट संकेत करता है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो देश को बैंकिंग क्षेत्र में बड़ी टूट का सामना करना पड़ सकता है।

बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञ और बैंक एशिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मोहम्मद अरफान अली ने कहा कि यह AQR एक आवश्यक कदम था। इससे यह स्पष्ट होगा कि क्या ये बैंक स्वतंत्र रूप से कार्य करना जारी रख सकते हैं या फिर सरकार को अस्थायी रूप से इनका नियंत्रण लेना होगा। साथ ही, भविष्य में इन बैंकों को किसी निजी स्वामित्व या निवेशक को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू करनी पड़ सकती है।

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