SHARDA यूनिवर्सिटी में छात्रा की आत्महत्या से हड़कंप, दो प्रोफेसरों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में एक छात्रा द्वारा आत्महत्या करने की घटना ने संस्थान और छात्रों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। मृतक छात्रा की पहचान ‘ज्योति’ के रूप में हुई है, जिसने मंडेला गर्ल्स हॉस्टल के 12वें फ्लोर पर स्थित अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। इस घटना के बाद परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

पुलिस के अनुसार, मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें छात्रा ने दो प्रोफेसरों—डॉ. महेंद्र सिंह चौहान और डॉ. शैरी वशिष्ट—का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है। इन दोनों को उसने अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। दोनों ही डेंटल साइंस विभाग में कार्यरत थे, जहां डॉ. महेंद्र एसोसिएट प्रोफेसर हैं और डॉ. शैरी असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। इन पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम जब छात्रा कमरे में अकेली थी, तभी उसने यह कदम उठाया। उसकी रूममेट्स कमरे से बाहर गई थीं और शाम करीब 7 बजे लौटने पर दरवाजा अंदर से बंद मिला। जब जोर से धक्का देने पर दरवाजा खुला तो अंदर ज्योति को फंदे से लटका पाया गया। इसके तुरंत बाद वार्डन और अन्य छात्रों को सूचना दी गई।

इस घटना के बाद छात्रों में भारी रोष है। कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि ज्योति को लंबे समय से परेशान किया जा रहा था और विश्वविद्यालय प्रशासन इसकी अनदेखी करता रहा। आक्रोशित छात्रों ने परिसर में प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने भी इन दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

फिलहाल, दोनों प्रोफेसरों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है और छात्र संगठन लगातार न्याय की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।

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