April 30, 2026

पटना के चंदन मिश्रा हत्याकांड में तौसीफ बादशाह की गिरफ्तारी, शेरू गैंग की साजिश का शक

पटना में बहुचर्चित अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात तौसीफ रजा उर्फ बादशाह को हिरासत में ले लिया है। चंदन की हत्या गुरुवार सुबह पटना के पारस अस्पताल में हुई थी, जहां ICU में भर्ती चंदन को कमरे में घुसकर गोली मार दी गई। इस हत्याकांड से बिहार के अपराध जगत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। अब इस मामले में शेरू गैंग का नाम भी सामने आ रहा है, जिससे जांच और भी जटिल होती जा रही है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड में कुल पांच आरोपी हैं—तौसीफ रजा, आकिब मालिक, सोनू, कालू उर्फ मुस्तकीम और भिंडी उर्फ बलवंत सिंह। इनमें आकिब मालिक फुलवारी शरीफ का निवासी है जबकि बलवंत सिंह बक्सर का है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राज्यभर में SIT की मदद से छापेमारी जारी है। फिलहाल केवल तौसीफ को पुलिस ने पकड़ा है और उससे गहन पूछताछ चल रही है।

तौसीफ रजा उर्फ बादशाह के खिलाफ पहले से ही आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस की जांच का एक बड़ा बिंदु यह भी है कि क्या तौसीफ एक शूटर के रूप में सुपारी लेकर काम करता था या किसी बड़े गिरोह के लिए नियमित रूप से हत्या जैसे अपराध अंजाम देता था। उसकी पूरी आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह इस हत्याकांड में कैसे और क्यों शामिल हुआ।

चंदन मिश्रा के अपराध जगत में कई दुश्मन थे, लेकिन शेरू गैंग के साथ उसका पुराना संबंध अब मुख्य वजह माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि चंदन और शेरू पहले घनिष्ठ मित्र थे और साथ मिलकर अपराध करते थे। चंदन ने एक समय शेरू गैंग के बैनर तले ही अपना काम शुरू किया था, लेकिन बाद में दोनों के बीच भागलपुर जेल में विवाद हुआ और वे अलग हो गए। इसके बाद चंदन ने अपना अलग गिरोह बना लिया और शेरू के कुछ शूटरों को भी अपने साथ मिला लिया था।

पुलिस को संदेह है कि इसी वर्चस्व की लड़ाई में शेरू ने चंदन की हत्या की साजिश रची। चंदन के बढ़ते प्रभाव से परेशान होकर शेरू ने अपने पुराने साथी को रास्ते से हटवाने की योजना बनाई और तौसीफ व अन्य आरोपियों को सुपारी दी। हालांकि, पुलिस इस पूरे प्रकरण पर फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रही है और सभी अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले को पूरी तरह सार्वजनिक करने की बात कह रही है।

इस हत्याकांड ने न सिर्फ पटना बल्कि पूरे बिहार में संगठित अपराध के एक नए खतरे को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

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