28 साल पहले आया था ऐसा धार्मिक शो, जिसे देखकर लोग जुड़ गए शिव भक्ति से
1990 के दशक में जब भारतीय टेलीविजन धार्मिक धारावाहिकों से गुलजार था, उस समय ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ जैसे शोज़ ने घर-घर में विशेष स्थान बना लिया था। लेकिन इन दोनों के बाद एक और ऐसा शो आया, जिसने दर्शकों को गहराई से छू लिया और भक्ति में डुबो दिया। वह धारावाहिक था – ‘ओम नमः शिवाय’, जिसे आज भी याद किया जाता है।
‘ओम नमः शिवाय’ को वर्ष 1997 में दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया था। इस धार्मिक धारावाहिक को निर्देशित किया था धीरज कुमार ने, जो उस समय के प्रसिद्ध धार्मिक सीरियल निर्माता-निर्देशक माने जाते थे। इस शो में भगवान शिव की महिमा को अत्यंत भव्यता से प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों में भक्ति की भावना जाग्रत हो गई। उस दौर में यह धारावाहिक इतना लोकप्रिय हुआ कि हर रविवार लोग इसे देखने के लिए अपने सारे काम छोड़ देते थे।
इस शो में भगवान शिव का किरदार निभाया था अभिनेता समर जय सिंह ने। उनका गंभीर स्वरूप, सौम्यता और शक्ति को दर्शाने वाला अभिनय दर्शकों को इतना पसंद आया कि लोग उन्हें शिव का ही अवतार मानने लगे थे। खास बात यह थी कि धारावाहिक में भगवान शिव को पंचमुखी शिव और अघोरी रूपों में भी दिखाया गया, जो पहली बार किसी सीरियल में इतने विस्तार से देखा गया था। इस धारावाहिक के कुल 205 एपिसोड प्रसारित हुए थे और इसे IMDb पर 10 में से 8.0 की शानदार रेटिंग मिली।
समर जय सिंह को इस शो के बाद अपार प्रसिद्धि मिली, हालांकि उन्हें फिल्मों में वह पहचान नहीं मिल पाई। उनका जन्म इंदौर में हुआ था और उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की। लेकिन एक्टिंग का जुनून उन्हें मायानगरी खींच लाया और उन्होंने छोटे पर्दे पर अपने अभिनय का जादू बिखेरा। ‘ओम नमः शिवाय’ उनका सबसे चर्चित और यादगार काम माना जाता है।
आज भी जब ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ की बात होती है, तब ‘ओम नमः शिवाय’ का नाम ज़रूर याद किया जाता है। यह शो न केवल शिव भक्ति का प्रतीक बन गया, बल्कि भारतीय टेलीविजन इतिहास में भी एक पवित्र अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।
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