May 3, 2026

IND vs ENG: जब इंग्लैंड को कुछ नहीं सूझा, तो शुभमन गिल की मसाज पर ही सवाल उठाए — लॉर्ड्स टेस्ट में विवाद के पीछे की पूरी कहानी

लॉर्ड्स टेस्ट का तीसरा दिन जब खत्म होने को था, तब मैदान पर ऐसा ड्रामा देखने को मिला जिसने सोशल मीडिया से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक को गरमा दिया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल और इंग्लैंड के ओपनर जैक क्रॉली के बीच टकराव ने आखिरी ओवर को हाई वोल्टेज बना दिया। लेकिन लड़ाई यहीं नहीं रुकी, बाद में इंग्लैंड के मेंटोर टिम साउदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो कहा, उसने और भी बहस छेड़ दी — उन्होंने शुभमन गिल के मसाज कराने तक पर सवाल उठा दिए।

तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह आखिरी ओवर डाल रहे थे। इस समय इंग्लैंड के दोनों ओपनर्स — जैक क्रॉली और बेन डकेट — क्रीज पर थे। तय था कि दो ओवर का खेल होना है, लेकिन इंग्लैंड के ओपनर्स ने जानबूझकर समय बर्बाद करना शुरू कर दिया ताकि एक ओवर में ही खेल खत्म हो जाए। इस रणनीति को भांपते हुए शुभमन गिल गुस्से में आ गए और मैदान पर क्रॉली से बहस हो गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब टिम साउदी से ओपनर्स के बर्ताव पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपने खिलाड़ियों का बचाव करने के बजाय शुभमन गिल पर ही निशाना साध दिया। उन्होंने कहा, “जब गिल मैदान पर बार-बार मसाज कराते हैं, तो उसे क्या कहेंगे? वो भी तो खेल का हिस्सा है।” उनका ये बयान जैसे आग में घी डालने जैसा था।

दरअसल, शुभमन गिल एक लंबी इनिंग के दौरान थकावट महसूस करने पर फिजियो से मसाज लेते हैं, जो क्रिकेट में सामान्य बात मानी जाती है। लेकिन जब इंग्लैंड के ओपनर्स खुद समय बर्बाद करें और फिर उलटा गिल की फिजिकल रिकवरी को निशाने पर लिया जाए, तो सवाल उठना लाजमी है। क्रिकेट फैंस और कई एक्सपर्ट्स ने टिम साउदी की इस प्रतिक्रिया को “ध्यान भटकाने की रणनीति” करार दिया है।

भारत की ओर से केएल राहुल ने भी इस पूरे मसले पर बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं एक ओपनर होने के नाते समझ सकता हूं कि आखिरी के 5 मिनट में बल्लेबाज क्या सोचता है। लेकिन खेल में जिस तरह की चीजें हुईं, वो साफ खेल भावना के खिलाफ थीं।” राहुल ने ये जरूर कहा कि ऐसी टकराहट खेल का हिस्सा होती है, लेकिन साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के खिलाड़ियों के रवैये को लेकर इशारों में नाराजगी भी जाहिर की।

इस पूरी घटना से एक बात तो साफ हो गई — जब खेल में जीत दूर नजर आती है, तो टीमें मानसिक दबाव बनाने के लिए हरसंभव तरीका अपनाती हैं। लेकिन शुभमन गिल जैसे कप्तान इन हालातों में भी डटे रहते हैं, और मैदान से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक जवाब देने के लिए तैयार रहते हैं।

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