जयपुर में कारोबारी से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, एक पूर्व CRPF जवान; तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े
जयपुर में एक कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक पूर्व सीआरपीएफ जवान है, जबकि दोनों के तार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेश में बैठे गैंग लीडर्स के इशारे पर सोशल मीडिया के जरिए कारोबारियों की जानकारी जुटाकर फिरौती की वारदातों को अंजाम देता है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्व सीआरपीएफ जवान मान प्रजापति उर्फ मंगलचंद और नेत्रपाल सिंह के रूप में हुई है।
मान प्रजापति जयपुर के लालकोठी क्षेत्र स्थित कृष्णानगर में किराए के मकान में रह रहा था और अब फाइनेंस का काम करता था। वह 5 से 10 प्रतिशत ब्याज पर पैसा देकर जबरन वसूली करता था और विरोध पर गैंग के विदेशी गुर्गों से धमकियां दिलवाता था। दूसरा आरोपी नेत्रपाल सिंह आमेर के कुंडा गांव का रहने वाला है, जो काफी समय से गैंग के संपर्क में था।
पुलिस ने बरामद किए मोबाइल, जिनसे हो रहा था विदेशी सरगनाओं से संपर्क।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई और कनाडा में बैठे साथी हरि बॉक्सर के इशारे पर काम कर रहा था। ये लोग फेसबुक, वॉट्सऐप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म से कारोबारियों की जानकारी निकालते थे और फिर धमकाकर फिरौती मांगते थे।
डीसीपी क्राइम कुंदन कवरीया के सुपरविजन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें हरि बॉक्सर से बातचीत और रंगदारी से संबंधित सुराग मिले हैं। पूरी कार्रवाई एएसआई ओमप्रकाश की सूचना पर की गई।
अब पुलिस जांच में जुटी है कि और कितने व्यापारी थे निशाने पर।
पुलिस अब इस बात की तह में जा रही है कि जयपुर में और कितने कारोबारियों से गैंग ने संपर्क किया था या रंगदारी वसूली थी। साथ ही विदेशों से संचालित हो रहे इस नेटवर्क की भारत में सक्रिय कड़ियों की भी पहचान की जा रही है। यह गिरफ्तारी जयपुर में अपराध की एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय संरचना की मौजूदगी को उजागर करती है।
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