मेरे ही जन्मदिन पर बेटी को मार डाला… पिता बना जल्लाद, मां का छलका दर्द
हरियाणा के गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। टेनिस प्लेयर राधिका यादव की बेरहमी से हत्या उसी के पिता ने कर दी — और वह भी उस दिन जब घर में जश्न होना था, क्योंकि उस दिन राधिका की मां का जन्मदिन था। लेकिन जश्न के माहौल में एक खौफनाक मातम घुल गया, जब राधिका की सांसें उसी घर में थम गईं, जहां उसने अपने सपनों की उड़ान भरी थी।
गुरुग्राम के सेक्टर-57 में रहने वाली राधिका यादव गुरुवार की सुबह किचन में खाना बना रही थी। उसी वक्त उसके पिता दीपक यादव ने पीछे से आकर .32 बोर की रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। तीन गोलियां राधिका की पीठ में लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मर्डर की वजह जानकर हर कोई हैरान है — पिता ने अपनी बेटी को इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि उसे उसका टेनिस खेलना नागवार था। समाज की बातों से परेशान होकर, उसने बेटी को मारने जैसा अमानवीय कदम उठा लिया।
घटना के वक्त घर में राधिका की मां मंजू यादव भी मौजूद थीं। वह अपने कमरे में आराम कर रही थीं और उन्हें बुखार था। मीडिया से बातचीत में मंजू ने बताया कि गुरुवार को उनका जन्मदिन था। राधिका उनके लिए खाना बना रही थी, तभी यह हादसा हो गया। मां ने भावुक होकर कहा, “मेरे ही जन्मदिन पर मेरी बेटी की जान ले ली गई… वो भी उसके पिता के हाथों।”
इस सनसनीखेज मामले में एक और हैरान कर देने वाली बात सामने आई है — राधिका की मां ने अब तक कोई लिखित बयान पुलिस को नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने मौखिक रूप से बताया कि वो घटना के समय घर पर ही थीं, लेकिन उन्हें कुछ भी पता नहीं चला क्योंकि वो बीमार थीं और कमरे में आराम कर रही थीं।
राधिका का भाई धीरज, जो कि एक प्रॉपर्टी डीलर है, घटना के समय ऑफिस में था। इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और उसने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया है। लेकिन जो सवाल समाज के सामने खड़ा हुआ है, वो कहीं ज्यादा बड़ा है — क्या एक पिता इतनी हद तक टूट सकता है कि वो अपनी ही बेटी की हत्या कर दे, सिर्फ इसलिए कि लोग उसे ताने देते थे?
यह केस अब एक व्यक्तिगत त्रासदी से आगे निकलकर एक सामाजिक बहस बन गया है — कि बेटियों की आज़ादी और उनके फैसलों पर समाज के दबाव किस हद तक एक परिवार को तोड़ सकते हैं।
Share this content:
