May 1, 2026

ट्रंप का कनाडा पर बड़ा हमला: सभी वस्तुओं पर 35% टैरिफ लागू, फेंटेनाइल और ट्रेड विवाद बना वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक व्यापार नीति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कनाडा पर 35 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से अमेरिका-कनाडा के रिश्तों में नई दरार पैदा हो गई है, और आने वाले समय में इसका वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।

गुरुवार को ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को एक औपचारिक पत्र भेजकर यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका आगामी महीने से सभी कनाडाई वस्तुओं पर भारी शुल्क लागू करेगा। ट्रंप ने यह फैसला फेंटेनाइल ड्रग्स की तस्करी को रोकने में कनाडा की कथित विफलता को आधार बनाकर लिया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा की उत्तरी सीमा से अमेरिका में घातक फेंटेनाइल का प्रवाह हो रहा है, और कनाडा ने इसे रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए।

हालांकि ट्रंप ने कार्नी को यह भी अल्टीमेटम दिया है कि यदि कनाडा सहयोग करता है और इस खतरे को नियंत्रित करने की दिशा में अमेरिका के साथ मिलकर काम करता है, तो टैरिफ को घटाने या हटाने पर विचार किया जा सकता है।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ लगाया हो। 2020 के अमेरिका-कनाडा-मेक्सिको व्यापार समझौते (USMCA) के तहत ट्रंप पहले 25% टैरिफ लागू कर चुके हैं, लेकिन समझौते के तहत कुछ उत्पादों को छूट भी दी गई थी। अब 35% टैरिफ की घोषणा के बाद यह साफ नहीं है कि वे छूट जारी रहेंगी या खत्म कर दी जाएंगी।

इस नए टैरिफ ऐलान के बाद से कनाडाई राजनीति में भी हलचल है। कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी और उनकी सरकार ने अमेरिका के इस रवैये की निंदा करते हुए प्रस्तावित टैरिफ को अस्वीकार्य बताया है। कार्नी पहले ही अमेरिका पर निर्भरता घटाने और यूरोपीय संघ तथा ब्रिटेन से संबंध मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

ट्रंप की यह घोषणा सिर्फ कनाडा तक सीमित नहीं है। उन्होंने हाल ही में ब्राजील पर भी 50% टैरिफ लगाने का एलान किया, जिस पर ब्राजील ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही 20 अन्य देशों को भी ट्रंप प्रशासन पत्र भेज चुका है, जिनमें 1 अगस्त से भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई है।

इस बीच राहत की बात यह है कि भारत फिलहाल ट्रंप की टैरिफ लिस्ट से बाहर है, और अमेरिका-भारत के बीच व्यापारिक बातचीत का दूसरा दौर जल्द वॉशिंगटन में शुरू होने वाला है।

डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम 2025 के राष्ट्रपति कार्यकाल में अमेरिका फर्स्ट की नीति के तहत व्यापारिक रिश्तों को पुनः कठोर दिशा में मोड़ने का संकेत है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टैरिफ लागू होता है तो अमेरिका और कनाडा के बीच 800 अरब डॉलर से अधिक के व्यापार पर व्यापक असर देखने को मिलेगा।

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