शुभमन गिल के सामने 1595 दिन बाद फिर आया सबसे बड़ा सवाल: लॉर्ड्स में टूटेगा 35 साल का तिलिस्म या फिर…?
टीम इंडिया के युवा कप्तान शुभमन गिल जबरदस्त फॉर्म में हैं। इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज़ में पहले दो मुकाबलों में ही उन्होंने 585 रन ठोक दिए हैं। लेकिन तीसरे टेस्ट से पहले लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर उनके सामने फिर वही पुराना सवाल खड़ा हो गया है, जो पिछले 1595 दिनों से शांत था—जोफ्रा आर्चर की चुनौती।
1595 दिन बाद लौटा जोफ्रा आर्चर, और गिल की असली परीक्षा शुरू
इंग्लैंड के तूफानी गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर 25 फरवरी 2021 के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं—यानि पूरे 1595 दिन बाद। उन्होंने अपना पिछला टेस्ट भारत के खिलाफ ही खेला था और उसमें भी उन्होंने शुभमन गिल को पवेलियन की राह दिखाई थी।
अब जब आर्चर की वापसी उसी टेस्ट फॉर्मेट में हो रही है, और वो भी गिल के सामने, तो मुकाबला दिलचस्प हो गया है। टेस्ट मैचों में अब तक गिल ने आर्चर की 28 गेंदों का सामना किया है और दो बार आउट हुए हैं, सिर्फ 18 रन बना पाए हैं और औसत सिर्फ 9 की रही है। इस आंकड़े से साफ है कि आर्चर का सामना करना गिल के लिए हमेशा मुश्किल रहा है।
लॉर्ड्स का 35 साल पुराना तिलिस्म भी चुनौती बना
इतना ही नहीं, गिल के सामने एक और ऐतिहासिक चुनौती है—लॉर्ड्स के मैदान पर पिछले 35 वर्षों से कोई भी भारतीय कप्तान फिफ्टी प्लस स्कोर नहीं बना पाया है। यह रिकॉर्ड अब तक जस का तस बना हुआ है, और यही “तिलिस्म” इस मैच में टूटने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन आर्चर की वापसी ने अब इस उम्मीद को चुनौती में बदल दिया है।
क्या इतिहास बदलेगा या खुद को दोहराएगा?
शुभमन गिल के पास मौका है इतिहास रचने का। वो शानदार फॉर्म में हैं और अगर उन्होंने आर्चर की रफ्तार और स्विंग का जवाब ढूंढ लिया, तो ना सिर्फ उनका टेस्ट रिकॉर्ड सुधरेगा, बल्कि 35 साल पुराना भारतीय कप्तानों का सूखा भी खत्म हो सकता है। लेकिन अगर आर्चर फिर वही कहर ढाते हैं, तो गिल के लिए यह टेस्ट “ट्रू टेस्ट” साबित हो सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि लॉर्ड्स में इतिहास बदलेगा या फिर खुद को दोहराएगा।
Share this content:
