“काजोल ने खुद बताया – इस जगह की डरावनी सच्चाई, रातों की नींद उड़ा देने वाली कहानी…!”
बॉलीवुड की दमदार अदाकारा काजोल का एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने न केवल सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सितारे भी अब चुप्पी साधे बैठे हैं। अपने करियर में सैकड़ों शूटिंग लोकेशनों पर काम कर चुकीं काजोल ने एक ऐसी सच्चाई उजागर की है जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
काजोल ने अपनी आने वाली हॉरर फिल्म ‘मां’ के प्रमोशन के दौरान उस अनुभव को साझा किया जो आज तक उनके ज़ेहन में ताज़ा है। हैदराबाद की मशहूर रामोजी फिल्म सिटी के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि “मैंने कई डरावनी जगहों पर शूट किया है, लेकिन रामोजी फिल्म सिटी में कुछ ऐसा है जो सीधे आपकी आत्मा को झकझोर देता है। वहां शूट करते वक्त मुझे गहरी बेचैनी महसूस होती थी, और कई बार तो नींद तक नहीं आती थी।”
यह कोई आम बात नहीं है। रामोजी फिल्म सिटी को लेकर पहले भी कई अजीब घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन जब काजोल जैसी बड़ी हस्ती इस पर खुलकर बात करती हैं तो मामला और गंभीर हो जाता है।
“मैंने कभी भूत को नहीं देखा, लेकिन उस जगह की ऊर्जा… वो कुछ और ही थी”
काजोल ने इंटरव्यू में आगे बताया कि उन्होंने कभी किसी आत्मा को आंखों से नहीं देखा, लेकिन जो डर और घबराहट उन्होंने वहाँ महसूस की, वो बिना वजह नहीं थी। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का सबसे रहस्यमय शूटिंग अनुभव बताया।
रामोजी फिल्म सिटी, जो देश ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियोज़ में गिना जाता है, अब अपने भूतिया पहलुओं को लेकर फिर एक बार सुर्खियों में है।
हैदराबाद स्थित यह फिल्म सिटी 1991 में स्थापित की गई थी और अब तक हजारों फिल्मों की शूटिंग यहाँ हो चुकी है। इसकी भव्यता, विशाल सेट्स और फिल्मी माहौल के कारण ये हमेशा निर्देशकों की पहली पसंद रही है। लेकिन इसके पीछे की कहानियाँ कुछ और ही कहती हैं।
ऐसे कई किस्से सामने आ चुके हैं जहाँ कलाकारों और तकनीकी स्टाफ ने शूटिंग के दौरान अजीब आवाज़ें, अपने आप गिरती चीज़ें, लाइट्स का अचानक बंद हो जाना, और यहाँ तक कि सेट पर किसी अनदेखी ताकत के होने का अहसास तक किया है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यह जगह पुराने युद्धक्षेत्र पर बनी है, जहाँ कई सैनिकों की मौत हुई थी। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार रात के समय महिला के रोने की आवाजें सुनाई देती हैं, जबकि आसपास कोई नहीं होता।
काजोल के बयान के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे एक पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं, जबकि कई ऐसे लोग भी सामने आए हैं जिन्होंने खुद रामोजी फिल्म सिटी में अजीबोगरीब अनुभव किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र्स अपनी-अपनी कहानियाँ साझा कर रहे हैं – कोई बता रहा है कि कैसे कैमरा अपने आप बंद हो गया, तो कोई लिख रहा है कि वहाँ किसी की परछाईं महसूस हुई जबकि पास में कोई नहीं था।
काजोल की फिल्म ‘मां’ पहले से ही एक हॉरर फिल्म है, लेकिन जब इसकी अभिनेत्री खुद एक डरावनी लोकेशन का जिक्र करती है, तो दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ जाती है। फिल्म से पहले ही ऐसी असल ज़िंदगी की डरावनी बात का सामने आना, दर्शकों को और रोमांचित कर रहा है।
सवाल अब भी बाकी है – क्या रामोजी फिल्म सिटी सच में भूतिया है?
काजोल का अनुभव भले ही व्यक्तिगत हो, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब किसी कलाकार ने इस जगह को लेकर डर जताया हो। रामोजी फिल्म सिटी हमेशा रहस्य और रोमांच से घिरी रही है।
अब सवाल यही है कि क्या वाकई इस आलीशान स्टूडियो की चमक-धमक के पीछे कोई अदृश्य साया छुपा बैठा है? क्या वहाँ सिर्फ कहानियाँ हैं या कोई सच्चाई भी है जिसे अभी तक उजागर नहीं किया गया?
काजोल के इस खुलासे ने फिल्मी गलियारों में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है — और शायद, अब कोई भी कलाकार रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग करने से पहले दो बार ज़रूर सोचेगा।
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