लंदन में नौकरी का झांसा, फिर 11 लाख की ठगी और अंत में हत्या… चिक्कबल्लापुर में पोस्ट ग्रेजुएट युवक के साथ दिल दहला देने वाला अपराध
कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले से एक खौफनाक घटना सामने आई है, जहां लंदन में नौकरी का सपना दिखाकर एक युवक से 11 लाख रुपये ऐंठे गए और फिर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय रमनजी के रूप में हुई है, जो बैंगलोर के येलहंका इलाके में एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर में लेक्चरर था।
लंदन में नौकरी का लालच बना मौत की वजह
एमएससी (कृषि) कर चुके रमनजी से आरोपी सुधाकर ने संपर्क किया और उसे विदेश में नौकरी दिलवाने का लालच दिया। सुधाकर ने कहा कि भारत में रमनजी जितना कमा रहा है, उससे कई गुना ज्यादा वो लंदन में नौकरी करके कमा सकता है। इस बहाने आरोपी ने युवक से 11 लाख रुपये वसूल लिए।
पैसे वापस मांगने पर रची गई हत्या की साजिश
कुछ समय बीतने के बाद जब वीजा की प्रक्रिया नहीं हुई तो रमनजी ने सुधाकर से या तो विदेश भेजने या पैसे लौटाने की मांग की। इसी बीच सुधाकर ने अपने भाई मनोज और साथी मंजूनाथ के साथ मिलकर युवक की हत्या की योजना बना डाली। उन्होंने 16 जून को थार कार किराए पर ली और रमनजी को यह कहकर बुलाया कि उसका लंदन का वीजा और जॉब पक्का हो गया है।
एयरपोर्ट ले जाने के बहाने की गई हत्या
16 जून को रमनजी एयरपोर्ट जाने के लिए गाड़ी में सवार हुआ, लेकिन रास्ते में ही आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी जान ले ली। शव को चिंतामणि तालुक के केम्पादेनहल्ली उद्यान में एक कुएं में फेंक दिया गया। बाद में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस को शव मिला और जांच में इस साजिश का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने सुधाकर, मनोज और मंजूनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों के खिलाफ हत्या और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। यह मामला न सिर्फ बेरोजगारी और लालच के खतरे को उजागर करता है, बल्कि यह भी चेतावनी देता है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से सतर्क रहने की जरूरत है।
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