May 6, 2026

योगी-शाह की 15 दिन में तीसरी मुलाकात, काशी में चार राज्यों के सीएम की बैठक, जानिए क्या होगा एजेंडा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार शाम दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे, जहां यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। यह 15 दिन में दोनों नेताओं की तीसरी मुलाकात होगी। इस बार काशी में सेंट्रल जोन काउंसिल की ऐतिहासिक बैठक हो रही है, जिसकी अध्यक्षता खुद अमित शाह करेंगे और उपाध्यक्ष की भूमिका सीएम योगी निभाएंगे। इस बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री व 120 से अधिक अधिकारी हिस्सा लेंगे।

काशी आगमन पर अमित शाह का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया जाएगा। बीजेपी के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग ढोल-नगाड़े, डमरू और शंख बजाकर उनका अभिनंदन करेंगे। शाह चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन भी करेंगे, जिसके बाद वे होटल ताज में रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाह के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।

मंगलवार को होटल ताज में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सेंट्रल जोन काउंसिल की बैठक चलेगी। इसमें सीमा विवाद, सड़क, बिजली, सुरक्षा, परिवहन, जल, पर्यावरण, महिला सुरक्षा, खनन और धार्मिक पर्यटन जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ, नेपाल सीमा पर गतिविधियां, पॉक्सो और महिला अपराध जैसे विषय भी एजेंडे में रहेंगे। नीति आयोग और अंतरराज्यीय परिषद के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे।

बैठक के बाद अमित शाह और चारों मुख्यमंत्री लंच के बाद नमो घाट जाएंगे, जहां से वे क्रूज से अस्सी घाट तक गंगा की यात्रा करेंगे और फिर दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में हिस्सा लेंगे। इस दौरे को राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक एजेंडे के साथ भाजपा के भीतर राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

लोकसभा चुनाव के बाद शाह और योगी की यह तीसरी सार्वजनिक मुलाकात है। इससे पहले 9 जून को सीएम योगी ने दिल्ली जाकर शाह से मुलाकात की थी और उन्हें लखनऊ के पुलिस भर्ती नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में आमंत्रित किया था, जिसमें 15 जून को शाह ने शिरकत की थी। उस कार्यक्रम में दोनों नेताओं के बीच गहरी केमिस्ट्री देखने को मिली थी, जहां एक-दूसरे की जमकर तारीफ हुई।

हालांकि, 2022 के चुनावों से पहले दोनों के बीच मतभेद की अटकलें मीडिया में थीं। अब जबकि बीजेपी को यूपी में लोकसभा चुनाव में झटका लगा है, तो यह मुलाकातें नए सियासी संदेश दे रही हैं। अमित शाह ने योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि 2017 के बाद ही केंद्र की योजनाएं यूपी में जमीन पर उतरी हैं। वहीं सीएम योगी ने भी शाह के नेतृत्व को सराहा और उनके नाम का बार-बार जिक्र किया।

इन मुलाकातों को देखकर माना जा रहा है कि शाह और योगी के बीच अब सियासी तालमेल फिर से मजबूत हो रहा है और दोनों मिलकर पार्टी को नए सिरे से मजबूती देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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