April 30, 2026

शुभमन गिल ने बतौर टेस्ट कप्तान डेब्यू पारी में जड़ा शतक, कोहली-गावस्कर की लीग में हुए शामिल, पूरे किए 2000 टेस्ट रन

इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में शुभमन गिल ने एक ऐतिहासिक शतकीय पारी खेलकर न सिर्फ भारत को मज़बूती दी, बल्कि अपनी कप्तानी की शुरुआत भी बेहद खास बना दी। यह उनका बतौर कप्तान पहला टेस्ट मैच है, और इस मैच की पहली पारी में ही उन्होंने 140 गेंदों में शानदार शतक ठोक डाला। शुभमन की यह पारी कई मायनों में ऐतिहासिक रही, क्योंकि उन्होंने एक नहीं बल्कि दो बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कीं—शतक और 2000 टेस्ट रन का मुकाम।

चौथे भारतीय, जिन्होंने कप्तान बनते ही पहले टेस्ट में ठोका शतक

शुभमन गिल अब उन दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने बतौर कप्तान अपनी पहली ही टेस्ट पारी में शतक जड़ा है। उनसे पहले यह दुर्लभ उपलब्धि केवल तीन खिलाड़ियों ने हासिल की थी। सबसे पहले 1951 में विजय हजारे ने इंग्लैंड के ही खिलाफ नाबाद 164 रन बनाकर यह कारनामा किया था। फिर 1976 में सुनील गावस्कर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 116 रनों की कप्तानी पारी खेली थी। इसके बाद 2014 में विराट कोहली ने जब एमएस धोनी के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तानी संभाली थी, तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पहली ही पारी में 115 रन बनाए थे। अब 2025 में शुभमन गिल ने भी इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

शुभमन के लिए यह पारी केवल कप्तानी में धमाकेदार आगाज़ नहीं थी, बल्कि आलोचकों के लिए भी करारा जवाब थी। कप्तान बनाए जाने पर कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने गिल की अनुभवहीनता पर सवाल उठाए थे, लेकिन लीड्स में उनके प्रदर्शन ने सभी शंकाओं को पीछे छोड़ दिया।

पहली बार नंबर-4 पर बैटिंग, और पूरे किए 2000 रन

यह पहला मौका था जब शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने उतरे। विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद यह पोजिशन खाली हुई थी, और टीम मैनेजमेंट ने गिल को उस जगह उतारने का फैसला किया। गिल ने भी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक वे नाबाद 127 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।

शुभमन गिल ने इस मैच से पहले 32 टेस्ट मैचों में 1893 रन बनाए थे। लेकिन जैसे ही उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ इस पारी में 107वां रन पूरा किया, उन्होंने टेस्ट करियर में 2000 रन भी पूरे कर लिए। यह उपलब्धि उन्होंने अपनी 60वीं टेस्ट पारी में हासिल की, जो दर्शाता है कि वो कितने निरंतरता से रन बना रहे हैं।

कप्तान बनने के बाद पहली परीक्षा में पास

शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर जब उन्हें टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी, तब सवाल यह था कि क्या युवा उम्र में वह इस ज़िम्मेदारी को संभाल पाएंगे? लेकिन लीड्स टेस्ट की पहली पारी ने यह साफ कर दिया कि गिल न सिर्फ एक टैलेंटेड बल्लेबाज हैं, बल्कि वह नेतृत्व क्षमता भी रखते हैं। उन्होंने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक लेकिन संयमित अंदाज़ में बल्लेबाजी की और इंग्लैंड के गेंदबाजों को टिकने नहीं दिया।

शुभमन गिल की यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं थी, बल्कि यह उनके क्रिकेट करियर में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। बतौर कप्तान डेब्यू में शतक, नंबर-4 पर जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी और टेस्ट में 2000 रन—ये तीनों उपलब्धियां दर्शाती हैं कि भारतीय क्रिकेट को एक नया लीडर मिल चुका है। आने वाले मैचों में अब सभी की निगाहें इसी बात पर रहेंगी कि क्या गिल इस लय को बनाए रखते हैं और भारत को सीरीज जीत की ओर ले जा पाते हैं या नहीं।

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