परमाणु की बात करता रहा इजराइल, ईरान ने क्लस्टर बम से किया हमला
ईरान और इजराइल के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और अब युद्ध की आग में एक और खतरनाक मोड़ आ गया है. इजराइल ने खुलासा किया है कि ईरान ने उस पर क्लस्टर बम से हमला किया है, जिससे व्यापक तबाही हुई है. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ये क्लस्टर बम बैलिस्टिक मिसाइलों में फिट कर दागे गए और इनसे एक साथ कई ठिकानों को निशाना बनाया गया. क्लस्टर बम विश्व स्तर पर युद्ध में इस्तेमाल के लिए बदनाम है और इसके कारण इजराइल में अब तक 25 नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
ईरान का यह हमला एक नई चुनौती के रूप में सामने आया है क्योंकि क्लस्टर बमों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध होता रहा है. इन बमों की खासियत यह है कि इन्हें मिसाइल में भरकर दागा जाता है और हवा में पहुंचने के बाद ये कई छोटे बमों में बंट जाते हैं, जो 8 किलोमीटर के दायरे में व्यापक विनाश फैलाते हैं. एक मिसाइल से 20 अलग-अलग रॉकेट निकलते हैं जो एकसाथ बड़े क्षेत्र को तबाह कर सकते हैं.
इतिहास में क्लस्टर बम का इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध, वियतनाम युद्ध और ईरान-इराक युद्ध में किया गया था. इसकी बर्बरता और व्यापक असर को देखते हुए 2008 में 94 देशों ने एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें ऐसे बमों के युद्ध में इस्तेमाल पर प्रतिबंध की बात कही गई थी. इसके बावजूद, ईरान ने अब फिर इस हथियार का उपयोग कर पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है.
ईरान और इजराइल की लड़ाई का मूल कारण परमाणु हथियारों को लेकर है. इजराइल लगातार आरोप लगाता रहा है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन तेज कर रहा है और वह कभी भी परमाणु हथियार बना सकता है. हाल ही में IAEA की रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के पास अब इतना यूरेनियम है जिससे वह नौ परमाणु बम बना सकता है. मिडिल ईस्ट में दोनों देशों की दुश्मनी अब हथियारों की सबसे घातक शक्ल में सामने आ रही है.
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