April 18, 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान: फिनटेक कंपनियों को डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और डीपफेक से निपटने के लिए समाधान लाने को कहा

नई दिल्ली में आयोजित डिजिटल भुगतान पुरस्कार 2025 समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फिनटेक कंपनियों से मौजूदा डिजिटल खतरों के खिलाफ ठोस समाधान विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और डीपफेक टेक्नोलॉजी जैसे नए खतरे आम जनता के लिए गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं, और इनसे निपटना अब फिनटेक सेक्टर की जिम्मेदारी है।

साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी पर चिंता
सीतारमण ने कहा कि अब लोग घर बैठे ही डिजिटल रूप से “गिरफ्तार” हो रहे हैं, जहां रातों-रात उनके बैंक खाते खाली हो जाते हैं। उन्होंने फिनटेक स्टार्टअप्स से आग्रह किया कि वे ऐसे तकनीकी समाधान तैयार करें जो इन जोखिमों को रोकने में सक्षम हों।

डीपफेक तकनीक को बताया नया साइबर खतरा
उन्होंने डीपफेक टेक्नोलॉजी को भी बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि यह तकनीक बड़े पैमाने पर लोगों को भ्रमित करने और ठगने का जरिया बन चुकी है। इससे समाज में अविश्वास बढ़ रहा है और जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

फिनटेक सेक्टर से एमएसएमई और रूरल एरिया में विस्तार की अपील
वित्त मंत्री ने फिनटेक कंपनियों से एमएसएमई सेक्टर में डिजिटल लोन सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को पहुंचाने की दिशा में और काम करने को कहा। उन्होंने फिनटेक क्षेत्र को वित्तीय समावेशन का बड़ा स्तंभ बताया।

फिनटेक इनोवेशन को बताया वैश्विक सार्वजनिक वस्तु
सीतारमण ने कहा कि भारत का फिनटेक इनोवेशन आज दुनिया के लिए वैश्विक सार्वजनिक वस्तु (Global Public Good) बन सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय UPI सेवा अब भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और UAE जैसे देशों के चुनिंदा आउटलेट्स में स्वीकार की जा रही है।

भारत के पास है स्केल, टैलेंट और सिद्ध मॉडल
वित्त मंत्री ने कहा, “हमारे पास टैलेंट है, हमारे पास मार्केट का स्केल है और हमारे पास सिद्ध समाधान हैं। फिनटेक कंपनियों को चाहिए कि वे इन सफल मॉडलों को वैश्विक बाजारों में निर्यात करें।”

2028 तक भारतीय फिनटेक मार्केट होगा $400 अरब का
सीतारमण ने कहा कि भारत का फिनटेक बाजार 2028-29 तक 400 अरब डॉलर से ज्यादा का हो सकता है, और यह लक्ष्य सिर्फ तीन साल दूर है। उन्होंने 30% सालाना विकास दर के अनुमान का हवाला देते हुए कहा कि फिनटेक क्षेत्र के “सर्वश्रेष्ठ अध्याय अभी लिखे जाने बाकी हैं।”

निष्कर्ष
निर्मला सीतारमण का यह संबोधन भारत में फिनटेक सेक्टर के लिए एक दिशा और चेतावनी दोनों है। सरकार चाहती है कि देश की तकनीकी कंपनियां न केवल इनोवेशन करें, बल्कि डिजिटल धोखाधड़ी, डीपफेक और ऑनलाइन खतरे जैसे संवेदनशील मुद्दों का स्थायी समाधान भी लेकर आएं।

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