मॉडल की मौत या खौफनाक साजिश? शादीशुदा प्रेमी का वो राज़ जो शीतल की जान ले बैठा
हरियाणा के सोनीपत से आई ये खबर जितनी दर्दनाक है, उससे ज्यादा चौंकाने वाली है। 23 वर्षीय मॉडल शीतल उर्फ सिम्मी चौधरी की लाश जब नहर से बरामद हुई, तो शुरुआत में सबने सोचा ये कोई हादसा होगा। लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलीं, सामने आया एक ऐसा खूनी प्रेमी, जिसने अपने राज़ के उजागर हो जाने पर वहशी बनकर उस लड़की को मौत की नींद सुला दिया, जिससे वो एकतरफा प्यार करता था।
शीतल, जो पानीपत के खलीला माजरा गांव की रहने वाली थी, हाल ही में हरियाणवी संगीत इंडस्ट्री में कदम रख चुकी थी। उसका सपना था मॉडलिंग और एक्टिंग में बड़ा नाम कमाने का। इसी बीच उसकी मुलाकात करनाल के ‘सुकून होटल’ में काम करते हुए होटल मालिक सुनील से हुई। जल्द ही दोनों करीब आए और रिश्ता अफेयर में बदल गया। लेकिन इस रिश्ते में एक बड़ा झूठ छिपा था—सुनील पहले से शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी थे। शीतल को जब ये बात पता चली तो उसने सुनील से दूरी बना ली।
इस दूरी को सुनील ने ठुकराया हुआ प्रेम समझ लिया और अंदर ही अंदर नफरत में बदल लिया। इस दौरान शीतल ने विशाल नाम के युवक से सगाई कर ली और उसके नाम का टैटू भी बनवाया। यह खबर सुनते ही सुनील पूरी तरह बौखला उठा। वह शीतल से मिलना चाहता था, लेकिन वह न तो फोन उठाती थी और न ही मिलती थी।
14 जून की रात सुनील को पता चला कि शीतल एक शूटिंग के लिए अहर गांव गई है। वह वहां पहुंच गया और जबरन उसे अपने साथ ले गया। पहले दोनों एक बीजेपी नेता की गौशाला में रुके और फिर कार से शहर की तरफ रवाना हो गए। गाड़ी में उनके बीच बहस हुई, और इसी दौरान शीतल को एक कॉल आया जिसने सुनील के अंदर का हैवान जगा दिया।
गुस्से में बेकाबू होकर उसने कार के डैशबोर्ड से चाकू निकाला और शीतल पर ताबड़तोड़ कई वार कर डाले। शीतल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सुनील ने लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वह कार को रिलायंस नहर के पास ले गया और वहीं उसे गिरा दिया। खुद तैरकर बाहर निकला और पुलिस को गुमराह करने के लिए ‘हादसा’ होने की सूचना दी।
हालांकि, शीतल की बहन नेहा को पहले से ही सुनील पर शक था। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि शूटिंग के दिन शीतल ने कॉल पर बताया था कि सुनील उसे जबरन अपने साथ ले जाना चाहता है और मारपीट कर रहा है। इसके बाद से उसका फोन बंद हो गया और वह लापता हो गई।
आखिरकार पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाना है।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब प्रेम अधिकार और जबरदस्ती में बदल जाए, तो उसका अंजाम कितना भयानक हो सकता है। शीतल की हत्या महज़ एक जुनूनी सनक का नतीजा बन गई, जिसमें न इंसानियत रही, न मोहब्बत — बस बचा तो एक वहशी खून का खेल।
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