फ्रांस और इज़राइल में बढ़ा तनाव, मैक्रों ने एयर शो में गाजा युद्ध वाले हथियारों पर लगाई रोक
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इज़राइल के खिलाफ एक कड़ा संदेश देते हुए पेरिस एयर शो में गाजा युद्ध में इस्तेमाल किए गए इज़राइली हथियारों की प्रदर्शनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब फ्रांस ने महज एक दिन पहले ही इज़राइल के सैन्य हमले का समर्थन किया था। अब इस फैसले से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव गहराता दिख रहा है।
इज़राइल पेरिस एयर शो में अपनी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहा था, जिसमें एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज, राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स, एल्बिट सिस्टम्स और ब्लूबर्ड एयरो सिस्टम्स जैसी कंपनियों ने अपने हथियारों को प्रस्तुत किया था। ये वही हथियार थे जिनका इस्तेमाल गाजा में हमास के खिलाफ किया गया था। लेकिन फ्रांसीसी अधिकारियों ने इन्हें लेकर सख्त रवैया अपनाया। पहले इन हथियारों के स्टैंड को ब्लैक स्क्रीन से ढका गया और फिर गाजा युद्ध में उपयोग हुए उपकरण हटाने को कहा गया।
इज़राइल ने इस कदम को “यहूदी विरोधी” करार दिया है और सवाल उठाया है कि पहले अनुमति मिलने के बाद अब अचानक इसे कैसे रोका गया। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि वे अपने देश में ऐसे हथियारों की सार्वजनिक प्रदर्शनी की इजाजत नहीं दे सकते जो युद्ध और मानवीय संकट से जुड़े हों।
यह पहला मौका नहीं है जब फ्रांस ने इज़राइल के खिलाफ ऐसा रुख अपनाया हो। कुछ दिन पहले ही फ्रांसीसी कंपनी ने गाजा ऑपरेशन में प्रयोग के लिए मशीन गन-19 की आपूर्ति से इनकार कर दिया था, जिसके पीछे श्रमिक यूनियन के विरोध को कारण बताया गया।
साथ ही, फ्रांस यूरोप का पहला प्रमुख देश है जिसने खुले तौर पर फिलिस्तीन को मान्यता देने की बात कही है, बशर्ते हमास किसी शांति समझौते के लिए तैयार हो। इमैनुएल मैक्रों के इस रुख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक साहसिक और सख्त राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो फ्रांस की स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाता है।
Share this content:
