गर्मी ने उत्तर भारत को बनाया तपता तंदूर, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में रेड अलर्ट — क्या मानसून दिलाएगा राहत?
दिल्ली की सड़कों पर दिन में जैसे आग बरस रही है और रातें भी अब राहत नहीं दे रहीं। पारा 45 डिग्री तक पहुंच चुका है और मौसम विभाग ने हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। लेकिन यह सिर्फ दिल्ली की कहानी नहीं, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों में सूरज अपना विकराल रूप दिखा रहा है। राजस्थान से लेकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब-हरियाणा तक हर इलाका तपिश से झुलस रहा है, और राहत के आसार अगले कुछ दिनों तक न के बराबर हैं।
उत्तर भारत बना आग का गोला, अलर्ट पर हैं कई राज्य
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को दिल्ली-NCR का तापमान 45 डिग्री तक जा सकता है और इसको लेकर ‘हीटवेव अलर्ट’ भी जारी कर दिया गया है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, यूपी और मध्य प्रदेश में भी पारा 44 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी व पूर्वी हिस्सों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में भी येलो अलर्ट लागू किया गया है।
राजस्थान की बात करें तो हालात और भयावह हैं। पश्चिमी राजस्थान में न सिर्फ हीटवेव बल्कि ‘वॉर्म नाइट’ यानी गर्म रातों की चेतावनी जारी की गई है। वहां दो दिनों के लिए रेड अलर्ट लागू है। पूर्वी राजस्थान में स्थिति थोड़ी कम गंभीर है, लेकिन ऑरेंज अलर्ट वहां भी जारी है।
जम्मू-कश्मीर से पंजाब-हरियाणा तक गर्मी का कहर
पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर तक इस भीषण गर्मी से अछूता नहीं रहा। वहां के लिए भी तीन दिन का येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। पंजाब और हरियाणा में अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी रहने की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट घोषित है। धूल भरी आंधियों की भी आशंका जताई गई है, जिससे आम जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है।
दक्षिण में बारिश, उत्तर में इंतजार
जब उत्तर भारत गर्मी से तप रहा है, तब दक्षिण भारत में मानसून ने दस्तक दे दी है। केरल और कर्नाटक में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश की संभावना है। मगर उत्तर भारत के लिए मानसून कब राहत लेकर आएगा, इस पर मौसम विभाग ने अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से 3–4 दिनों बाद उत्तर भारत में आंशिक राहत मिल सकती है।
अब क्या करें आम लोग?
ऐसे हालात में डॉक्टर और विशेषज्ञ लोगों से दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। पानी और तरल पदार्थों का अधिक सेवन, हल्के और सूती कपड़े पहनना और शरीर को ठंडा रखने के उपाय ही फिलहाल बचाव का सबसे कारगर तरीका हैं।
गर्मी अब सिर्फ असहज नहीं, बल्कि खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। और जब तक मानसून उत्तर भारत में कदम नहीं रखता, तब तक यह तपिश और गंभीर रूप ले सकती है। सावधानी ही अभी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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