बिहार के पूर्णिया में पारिवारिक तनाव बना दो मासूम बच्चों की मौत की वजह, मां ने खुद भी की आत्महत्या की कोशिश
बिहार के पूर्णिया जिले के धमदाहा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। 30 वर्षीय महिला नीलम ने अपने तीन साल के बेटे और एक साल की बेटी को जहर देकर मार डाला, फिर खुद भी जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नीलम की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उसे कटिहार के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना सतमी बिन टोली वार्ड-17 की है। बताया जा रहा है कि नीलम, पति वीरेंद्र यादव की दूसरी पत्नी थी। वीरेंद्र ने पहली पत्नी को छोड़कर नीलम से शादी की थी, लेकिन वह आज भी अपनी पहली पत्नी के संपर्क में रहता था। नीलम भी अपने पहले पति से कभी-कभार बातचीत करती थी। इन्हीं बातों को लेकर घर में अक्सर झगड़े होते थे।
घटना से एक दिन पहले वीरेंद्र की पहली पत्नी घर आई थी और एक रात वहीं रुकी। अगले दिन वीरेंद्र उसे छोड़ने के लिए भागलपुर चला गया था। वीरेंद्र के जाने के बाद नीलम का मानसिक संतुलन बुरी तरह बिगड़ गया। उसने घर में तोड़फोड़ की और गुस्से में आकर अपने ही बच्चों को जहर खिला दिया, फिर खुद भी जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की।
जब पड़ोसियों को घर से हंगामे की आवाजें आईं, तो उन्होंने पहले दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। नीलम के जवाब न देने पर रिश्तेदारों को फोन किया गया, जिन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर का दृश्य देखा तो उनके होश उड़ गए। तीनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस को किसी भी पक्ष की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और नीलम के मायके वालों को सूचना दी गई है।
इस दुखद घटना ने पारिवारिक कलह और रिश्तों में दरार के भयावह परिणामों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग और प्रशासन स्तब्ध हैं कि एक मां अपने ही बच्चों की दुश्मन कैसे बन गई।
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