गौतम गंभीर को पुराने साथी ने दिया इंग्लैंड में जीत का मंत्र, कुलदीप और अर्शदीप बन सकते हैं गेमचेंजर
टीम इंडिया एक बार फिर इंग्लैंड की धरती पर इतिहास रचने के मिशन पर निकल पड़ी है। इस बार कमान सौंपी गई है युवा बल्लेबाज़ शुभमन गिल को, जो अपनी कप्तानी में पहली बार किसी बड़ी टेस्ट सीरीज़ की अगुवाई करेंगे। 20 जून से शुरू होने वाली इस सीरीज़ में भारतीय टीम विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के बिना मैदान में उतरेगी, जिससे युवा खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का दबाव और ज़िम्मेदारी दोनों बढ़ गई है।
भारत ने आखिरी बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज़ साल 2007 में जीती थी, जब टीम की कमान राहुल द्रविड़ के हाथों में थी। अब लगभग 18 साल बाद एक नई टीम उसी जमीं पर इतिहास को दोहराने के लिए तैयार है। इस बीच गौतम गंभीर के पुराने साथी और टीम इंडिया के पूर्व गेंदबाज़ी कोच भरत अरुण ने टीम को अहम सुझाव दिए हैं, जो इंग्लैंड में जीत की राह आसान कर सकते हैं। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि इस दौरे पर भारत को पांच गेंदबाज़ों के साथ उतरना चाहिए और खासतौर पर कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में जगह देनी चाहिए।
भरत अरुण ने कुलदीप यादव को “तुरुप का इक्का” करार देते हुए कहा कि भले ही पहली पारी में उन्हें पिच से ज्यादा मदद न मिले, लेकिन दूसरी पारी में जैसे ही पिच में टर्न आएगा, कुलदीप अपनी जादुई गेंदबाज़ी से इंग्लिश बल्लेबाज़ों को बुरी तरह फंसा सकते हैं। कुलदीप का टेस्ट रिकॉर्ड भी उनकी बात को साबित करता है – अब तक खेले गए 13 टेस्ट मैचों में वे 56 विकेट ले चुके हैं और कई मौकों पर निर्णायक भूमिका निभा चुके हैं।
इसके अलावा अरुण ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह को भी टीम में शामिल करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में अर्शदीप की स्विंग गेंदबाज़ी भारतीय टीम के लिए बड़ी ताकत बन सकती है। अर्शदीप ने अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है, लेकिन व्हाइट बॉल क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और वह लगातार अपनी गेंदबाज़ी में सुधार करते दिखे हैं। भरत अरुण का मानना है कि दाएं और बाएं हाथ के गेंदबाज़ों का ऐसा कॉम्बिनेशन विपक्षी बल्लेबाज़ों को काफी परेशान कर सकता है।
उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ों के साथ अगर अर्शदीप और कुलदीप को मिलाकर पांच गेंदबाज़ों की रणनीति बनाई जाए, तो भारत की गेंदबाज़ी यूनिट इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाज़ी को चौंका सकती है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान शुभमन गिल भरत अरुण की इस रणनीति को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या वाकई कुलदीप-अर्शदीप जैसे खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे पर निर्णायक मौका दिया जाता है। अगर ऐसा हुआ, तो भारत के पास 2007 के इतिहास को दोहराने का सुनहरा मौका हो सकता है।
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