बेंगलुरु भगदड़ हादसे की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए KSCA सचिव और कोषाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत के जश्न के दौरान हुए भीषण भगदड़ मामले में अब कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के दो शीर्ष अधिकारियों ने बड़ा कदम उठाया है। KSCA के सचिव ए. शंकर और कोषाध्यक्ष ई. जयराम ने इस दर्दनाक हादसे की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा उन्होंने संघ के अध्यक्ष रघुराम भट को सौंपा है।
4 जून को जब RCB की टीम IPL 2025 की ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद से लौटकर बेंगलुरु पहुंची, तब एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हजारों की संख्या में फैंस उमड़ पड़े। RCB द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए इनविटेशन के चलते भीड़ बेकाबू हो गई और हालात इतने बिगड़े कि भगदड़ मच गई। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
KSCA की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में सचिव और कोषाध्यक्ष ने कहा कि भले ही इस पूरे आयोजन में उनकी भूमिका सीमित थी, लेकिन बेंगलुरु में जो कुछ हुआ वह बेहद दुखद है और हम अपनी नैतिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने साफ किया कि इस्तीफा देना उनके व्यक्तिगत और नैतिक मूल्यों के तहत उठाया गया कदम है।
इस हादसे को लेकर जांच चल रही है और पुलिस ने अब तक RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA के सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इससे पहले KSCA अध्यक्ष रघुराम भट, सचिव ए. शंकर और कोषाध्यक्ष ई. जयराम ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर कर यह सफाई दी थी कि स्टेडियम के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी उनकी नहीं थी।
उन्होंने बताया कि विधान सभा से समारोह की अनुमति ली गई थी और विधान सभा में आयोजित कार्यक्रम बिना किसी गड़बड़ी के सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया था। लेकिन जब टीम स्टेडियम पहुंची, तब बाहर जमा भीड़ को देखते हुए विक्ट्री परेड रद्द कर दी गई, बावजूद इसके स्टेडियम के भीतर कार्यक्रम चलता रहा। इसी दौरान बाहर भगदड़ हुई और यह भयानक हादसा हो गया।
इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है और अब इस्तीफों के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और किसे इसकी असल ज़िम्मेदारी दी जाती है।
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