May 1, 2026

5 करोड़ की डील, 20 लाख में फंसे ED अधिकारी: CBI के जाल में IRS अफसर चिंतन रघुवंशी गिरफ्तार

ओडिशा में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डिप्टी डायरेक्टर चिंतन रघुवंशी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के इस अधिकारी पर भुवनेश्वर के एक खनन व्यापारी से 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने और उसकी पहली किस्त के रूप में 20 लाख रुपये लेते वक्त पकड़े जाने का आरोप है।

कैसे हुआ खुलासा?

सीबीआई को पहले से इनपुट मिला था कि चिंतन रघुवंशी, ढेंकनाल में खनन का कारोबार करने वाले व्यापारी रतिकांत राउत से रिश्वत लेने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक, रघुवंशी ने व्यापारी के खिलाफ चल रहे ईडी के एक मामले में राहत देने के एवज में 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। इस सूचना के बाद CBI ने जाल बिछाया और बृहस्पतिवार को उसे रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

FIR में क्या है?

CBI द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, रतिकांत राउत को मार्च 2025 में ईडी कार्यालय, भुवनेश्वर में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वहीं, चिंतन रघुवंशी ने उन्हें निजी तौर पर अपने कमरे में बुलाकर ‘राहत’ दिलाने की पेशकश की। इसके बाद एक व्यक्ति ‘भगती’ राउत के संपर्क में आया, जिसने कथित तौर पर रघुवंशी के निर्देश पर बार-बार फेसटाइम कॉल्स के ज़रिए दबाव डाला।

एफआईआर में दर्ज है कि 27 मई को भगती ने राउत से मुलाकात की और साफ कहा कि अगर वे चाहते हैं कि उनका अस्पताल अटैच न हो, गिरफ्तारी से बच जाएं और मामला सुलझ जाए, तो उन्हें 5 करोड़ रुपये देने होंगे। व्यापारी ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो रघुवंशी ने फोन पर खुद बात कर मांग घटाकर 2 करोड़ कर दी।

आखिरकार गिरफ्तारी कैसे हुई?

सीबीआई को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। जैसे ही यह पुष्टि हुई कि रघुवंशी 20 लाख रुपये की पहली किस्त लेने वाले हैं, एजेंसी ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। जाल बिछाकर रघुवंशी को रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

कौन हैं चिंतन रघुवंशी?

चिंतन रघुवंशी कस्टम और इनडायरेक्ट टैक्सेस विभाग के 2013 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। उनकी नियुक्ति प्रवर्तन निदेशालय में हुई थी, जहां वह ओडिशा में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात थे।

अब सीबीआई इस मामले में भगती समेत अन्य संभावित संलिप्त लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह कोई बड़ा रैकेट तो नहीं था जिसमें सरकारी पदों का दुरुपयोग हो रहा था।

जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन चिंतन रघुवंशी की गिरफ्तारी ने ईडी जैसे संवेदनशील और ताकतवर संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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