April 18, 2026

नौतपा में इंदौर समेत पूरे मध्य प्रदेश को मिली राहत, आंधी और बारिश ने तोड़ी गर्मी की कमर, अगले चार दिन भी मौसम रहेगा मेहरबान

मध्य प्रदेश के इंदौर समेत कई जिलों में नौतपा के दौरान उमस और तपिश से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। जहां नौतपा की शुरुआत तेज गर्मी और भारी उमस के साथ हुई थी, वहीं अब मौसम ने करवट ले ली है। सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह हुई हल्की बारिश और तेज आंधी ने तापमान में गिरावट ला दी है और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों तक इसी तरह आंधी और बारिश की संभावना जताई है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि गर्मी का प्रकोप कुछ दिनों के लिए थम जाएगा।

इंदौर में सोमवार को अधिकतम तापमान 3.8 डिग्री उछलकर 37.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि न्यूनतम तापमान भी 0.2 डिग्री बढ़कर 26.7 डिग्री रहा। दिनभर गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि, शाम होते-होते बादल छा गए और देर रात बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया। मंगलवार सुबह भी हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया।

इसी बीच ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम और आगर मालवा समेत प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को लगातार दूसरे दिन बारिश दर्ज की गई। रात में 20 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट ली। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी इंदौर-उज्जैन सहित 30 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। आंधी की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश पर लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है, जिसकी वजह से तेज हवाएं और बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि अगले चार दिनों तक यह सिस्टम प्रभावी रहेगा और प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है।

नौतपा के दौरान आमतौर पर भीषण गर्मी का अनुभव होता है, लेकिन इस बार मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं से लोगों को उमस और लू से निजात मिल रही है। हालांकि, किसानों और आमजन को सलाह दी गई है कि वे मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानियां बरतें, ताकि तेज हवाओं और बारिश से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

इस मौसम बदलाव से एक ओर जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसलों और निर्माण कार्यों पर असर पड़ सकता है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इस प्रकार, नौतपा की शुरुआत में जो भीषण गर्मी का डर था, वह अब बारिश और आंधी की मेहरबानी से काफी हद तक दूर हो चुका है। आने वाले दिनों में अगर मौसम ऐसे ही बना रहा, तो प्रदेश के लोगों को इस साल गर्मी से कुछ राहत जरूर मिल सकती है।

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