UP: जंगल में खून से सना सच—कोचिंग से लौट रही छात्रा के साथ दुष्कर्म, ब्लेड से गला रेतकर हत्या… अब दरिंदे को मिली फांसी की सजा
सन्न कर देने वाला अपराध, इंसाफ की सिहरन पैदा कर देने वाली सजा… यूपी के फतेहपुर में अदालत ने तीन साल पुराने एक जघन्य अपराध में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
30 मई 2022 की दोपहर थी। फतेहपुर जिले के पास जहानाबाद कस्बे के खैराबाद जंगल में एक 19 वर्षीय छात्रा का शव मिला। शरीर पर ब्लेड से किए गए 24 घाव, गर्दन कटी हुई, खून से सना बदन। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ था—उसकी हत्या गला रेत कर की गई। लेकिन इस सनसनीखेज वारदात से भी ज्यादा दिल दहलाने वाली थी वो हकीकत, जो धीरे-धीरे सामने आई।
पढ़ाई के सपनों के बीच हुई दरिंदगी
कानपुर देहात के साढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव की ये युवती टीईटी की तैयारी कर रही थी। वह रोज जहानाबाद के एक कोचिंग संस्थान में पढ़ने जाती थी। 30 मई को भी वह कोचिंग गई, लेकिन लौटकर कभी घर नहीं पहुंची। उसी शाम उसका शव खैराबाद जंगल में मिला। घटनास्थल पर उसका बैग पड़ा था, मोबाइल और कुछ कागजात गायब थे। इलाके में तनाव फैल गया, सड़कों पर प्रदर्शन शुरू हो गए।
पुलिस पर बना दबाव, आरोपी अजय का खुलासा
मामले में बवाल बढ़ा, तो छात्रा के पिता की तहरीर पर अजय उर्फ शीबू और उसके दो साथियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने जांच की और एक-एक परतें खुलती चली गईं। अजय ने बताया कि वह छात्रा को पसंद करता था। उसे शक था कि वह किसी और से बात करती है। इसी वजह से अजय ने पहले उसका सिम कार्ड बदलवाया और तनाव में उसने तीन महीने पहले जान देने की कोशिश भी की थी।
फिर 30 मई को उसने एक दोस्त की बाइक ली, कोचिंग से लौट रही छात्रा को बहाने से जंगल ले गया। उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर पीछे से मुंह दबाकर ब्लेड से उसका गला रेत डाला। फिर चाकू से गर्दन में वार किया और शरीर पर ताबड़तोड़ ब्लेड से घाव किए। वह शव छोड़कर भाग निकला और केरल के कुट्टीपुर में एक होटल में बावर्ची बनकर छिप गया।
गिरफ्तारी और सबूत छिपाने की साजिश
आठ जून 2022 को पुलिस ने अजय को केरल से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में पता चला कि वह हत्या के बाद द्वारिकापुर गांव में अपने दोस्त अवनीश उर्फ छोटू सोनकर के घर गया। वहां दोस्त नहीं मिला तो उसकी मां माया देवी को झूठ बोला कि एक्सीडेंट हो गया है। उसने खून से सनी जींस, शर्ट, बाइक, छात्रा का मोबाइल और आईडी कार्ड वहीं छिपा दिया। फिर अपने दोस्त के कपड़े पहनकर भाग गया। अवनीश ने हत्या की बात छिपाई थी। कॉल डिटेल से पता चला कि वारदात के बाद भी वह अजय के संपर्क में था।
तीन साल में फास्ट ट्रैक फैसला, फांसी की सजा
फतेहपुर की एडीजे/फास्ट ट्रैक कोर्ट में जज अशोक कुमार ने तीन साल में मुकदमे की सुनवाई पूरी की। 22 मई 2025 को कोर्ट ने अजय उर्फ शीबू को बलात्कार और हत्या का दोषी मानते हुए मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 81,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, दोस्त अवनीश और उसकी मां माया देवी को साक्ष्य छिपाने और घटना में सहयोग करने का दोषी पाया गया। दोनों को सात-सात साल की सजा और 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया गया।
दरिंदे की बेशर्मी और पिता का दर्द
जब अजय को सजा सुनाकर कोर्ट से जेल ले जाया जा रहा था, तो उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। मीडिया वालों को देखकर वह मुस्कुराते हुए बोला—”हां, खूब वीडियो बना लो।” वहीं, दूसरे दोनों दोषी चेहरा छिपाते रहे। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराधी को जल्द से जल्द फांसी दी जानी चाहिए, ताकि समाज में भय उत्पन्न हो।
छात्रा के पिता ने कोर्ट के फैसले को न्याय बताया। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी बहुत होशियार थी। उसका सपना था कुछ बनने का। दरिंदों ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अब हमारी बस यही ख्वाहिश है कि हत्यारे को जल्द से जल्द फांसी मिले।”
रासुका की सिफारिश भी हुई थी
घटना के बाद बवाल इतना बढ़ा था कि स्टेट हाईवे पर रातभर जाम लगा रहा। 31 मई को भी लोग प्रदर्शन करते रहे। प्रशासन ने घटना को गंभीर मानते हुए सरकार से रासुका (NSA) की संस्तुति भेजी थी, लेकिन शासन स्तर से उस पर मुहर नहीं लग पाई। तत्कालीन डीएम अपूर्वा दुबे और एसपी राजेश कुमार सिंह के बयान दर्ज किए गए थे।
चार्जशीट से सामूहिक दुष्कर्म की धारा हटेगी
जांच में सामने आया कि अजय ने अकेले ही दुष्कर्म और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। इसलिए अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म की धारा हटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, एनएसए की कार्रवाई को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। हत्या में इस्तेमाल ब्लेड, चाकू, बाइक, खून से सने कपड़े, छात्रा और आरोपी के आईडी कार्ड, मोबाइल फोन, सभी सबूत बरामद किए गए।
ये एक ऐसा मामला है जो दरिंदगी, बर्बरता और इंसाफ की मिसाल के तौर पर लंबे समय तक याद रखा जाएगा। एक मासूम की जिंदगी तबाह कर देने वाले को अब कानून की सबसे सख्त सजा मिली है—मौत।
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