गाजियाबाद के मोदीनगर में लेखपाल एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, जमीन के दाखिल-खारिज के नाम पर मांगे थे 5 लाख
गाजियाबाद जिले के मोदीनगर तहसील में उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन टीम ने एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी लेखपाल सरित कुमार पर जमीन के दाखिल-खारिज की फाइल पास कराने के नाम पर 5 लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव त्योड़ी निवासी मनोज कुमार ने एंटी करप्शन विभाग से शिकायत की थी कि वह अपनी 10 बीघा जमीन की दाखिल-खारिज कराना चाहते हैं, लेकिन मोदीनगर तहसील में तैनात लेखपाल सरित कुमार इस काम के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
शिकायत की पुष्टि करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर गुरुवार को कार्रवाई की। तय समय के अनुसार मनोज कुमार लेखपाल को एक लाख रुपये की पहली किश्त देने के लिए उसके पास पहुंचा। जैसे ही उसने पैसे दिए, पहले से तैयार बैठी एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ लिया।
लेखपाल को तुरंत हिरासत में लेकर थाना मोदीनगर लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद तहसील में कार्यरत अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की गई है और रिश्वतखोरी के इस मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। यह घटना न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि आम नागरिकों को जमीन जैसे बुनियादी मामलों में भी रिश्वत देकर काम करवाना पड़ रहा है।
फिलहाल एंटी करप्शन विभाग ने मामले की जांच तेज कर दी है और संभावना है कि आगे और भी नाम सामने आ सकते हैं जो इस घूसखोरी के नेटवर्क से जुड़े हों।
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