April 21, 2026

तेज गर्जना, बिजली की चमक और फिर मौत की दस्तक… झारखंड और बंगाल में आसमान से बरसा कहर

झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम का अचानक बदला मिज़ाज अब जानलेवा होता जा रहा है। सोमवार को झारखंड के दो जिलों—गढ़वा और हजारीबाग—में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने तबाही मचा दी। बिजली गिरने से कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसे ऐसे समय हुए जब पूरे राज्य में तेज़ बारिश और वज्रपात की चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी थी।

गढ़वा जिले से मिली जानकारी के अनुसार, तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हजारीबाग में दो लोगों की जान गई। सभी घटनाएं अलग-अलग गांवों में हुईं, जहां लोग या तो खेतों में काम कर रहे थे या खुले में मौजूद थे।

यह पहली बार नहीं है जब झारखंड में आकाशीय बिजली मौत बनकर गिरी हो। पिछले सप्ताह चाईबासा जिले में नक्सल रोधी अभियान के दौरान भी ऐसा ही हादसा हुआ था। वहां बिजली गिरने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 46 वर्षीय एक जवान की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।

इस बीच, मौसम विज्ञान विभाग ने चेताया है कि आने वाले दिनों में ऐसे और हालात बन सकते हैं। झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश दर्ज की गई और आंधी-तूफान का सिलसिला अभी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। विभाग के अनुसार, पंजाब से लेकर उत्तर बांग्लादेश तक फैले एक ट्रफ (कम दबाव का क्षेत्र), बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और हवा के अनुकूल पैटर्न इस बढ़ती वर्षा और बिजली गिरने का प्रमुख कारण हैं।

बंगाल के उत्तर जिलों—दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार, मालदा और उत्तर दिनाजपुर—में 22 मई तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, दक्षिण बंगाल के जिलों—पुरुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा, मुर्शिदाबाद, नदिया और पश्चिम वर्धमान—में भी तेज हवाएं, आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

सोमवार को उत्तर दिनाजपुर के रायगंज में 187 मिमी और दक्षिण बंगाल के कैनिंग में 53 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। यह आकड़े दर्शाते हैं कि पूर्वी भारत का मौसम फिलहाल बेहद अस्थिर और खतरनाक बना हुआ है।

मौसम विभाग की मानें तो यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। ऐसे में आम लोगों को सावधान रहने की सख्त जरूरत है, विशेषकर खुले स्थानों और खेतों में काम करने वालों को। आकाशीय बिजली का यह कहर आने वाले दिनों में और भयावह रूप ले सकता है।

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