“सुपरस्टार बनने से पहले दिल तोड़ा गया था उनका…” – माधुरी दीक्षित की अधूरी मोहब्बत की कहानी
जिस एक्ट्रेस को आज ‘धक-धक गर्ल’, ‘बॉलीवुड क्वीन’ और ‘दिलों की रानी’ कहा जाता है, उसके नाम के पीछे भी एक अधूरी प्रेम कहानी दबी हुई है – एक ऐसा रिश्ता जो बनने से पहले ही टूट गया, और वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वो “बहुत पतली” थीं। जी हां, हम बात कर रहे हैं माधुरी दीक्षित की – जिनकी ज़िंदगी के इस राज़ को बहुत कम लोग जानते हैं। उनके दिल को उस वक्त ठेस पहुँची थी, जब उन्होंने अपने माता-पिता की मर्ज़ी से एक ऐसे व्यक्ति से शादी के लिए हामी भरी थी, जो खुद इंडस्ट्री का बड़ा नाम था, लेकिन जिसने उन्हें सिरे से ठुकरा दिया।
एक आदर्श दूल्हा, एक आदर्श बेटी और एक हैरान कर देने वाला इनकार
माधुरी दीक्षित ने हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान किया और उनके हर फैसले को बिना किसी सवाल के अपनाया। जब वो करियर की शुरुआत में थीं, तो उनके पिता ने उनकी शादी के लिए मशहूर गायक सुरेश वाडकर को उपयुक्त वर माना। सुरेश वाडकर उस समय गायकी की दुनिया में बड़ा नाम थे और माधुरी के माता-पिता को लगा कि ये रिश्ता बेटी के लिए एकदम परफेक्ट रहेगा।
माधुरी भी इस रिश्ते से संतुष्ट थीं। उन्होंने उम्र के अंतर (करीब 10-11 साल) को भी नज़रअंदाज़ कर दिया और शादी के लिए हामी भर दी। ये वह दौर था जब माधुरी इंडस्ट्री में नई थीं, कोई मेगा स्टार नहीं बनी थीं। उनके लिए यह रिश्ता करियर से कहीं ऊपर था।
…लेकिन आया वो जवाब जिसने दिल तोड़ दिया
माधुरी की हामी के बाद जब प्रस्ताव सुरेश वाडकर तक पहुंचा, तो उनका जवाब चौंका देने वाला था। उन्होंने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया कि, “माधुरी बहुत पतली है।” एक ओर जहां एक युवती अपने माता-पिता की खुशी के लिए शादी के लिए तैयार थी, वहीं दूसरी तरफ उसे उसके शरीर के आकार के आधार पर रिजेक्ट कर दिया गया।
उस रिजेक्शन ने रच दी किस्मत की नई स्क्रिप्ट
यह घटना माधुरी के लिए निजी तौर पर बेहद तकलीफदेह रही, लेकिन यहीं से उन्होंने खुद को और भी अधिक मेहनत के साथ साबित किया। देखते ही देखते उन्होंने बॉलीवुड में एक अलग मुकाम हासिल किया और उनके अभिनय, डांस और खूबसूरती के कायल देश-विदेश में लाखों लोग हो गए।
फिर मिला सच्चा हमसफ़र – डॉ. श्रीराम नेने
कुछ सालों बाद माधुरी की ज़िंदगी में आए अमेरिका में बसे कार्डियक सर्जन डॉ. श्रीराम नेने। एक परफेक्ट लाइफ पार्टनर, जिनसे मिलने के बाद माधुरी ने फिल्मी दुनिया से कुछ वक्त के लिए दूरी बना ली और एक पारिवारिक जीवन को चुना। आज भी दोनों का रिश्ता फिल्म इंडस्ट्री के सबसे मजबूत और आदर्श रिश्तों में गिना जाता है।
आज माधुरी हैं सुपरस्टार, और वो रिजेक्शन इतिहास बन चुका है
आज जब माधुरी दीक्षित को देखा जाता है तो लोगों को उनके ग्लैमर, प्रतिभा और सौम्यता की मिसाल याद आती है – लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कभी किसी ने उन्हें सिर्फ ‘पतली’ कह कर ठुकरा दिया था। ये कहानी एक सबक है कि एक नकारात्मक अनुभव भी किस तरह आपकी सफलता की नींव बन सकता है। माधुरी दीक्षित का यह किस्सा बताता है कि किस्मत कभी एक दरवाज़ा बंद करती है तो दूसरा, और बेहतर दरवाज़ा ज़रूर खोल देती है।
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