April 18, 2026

अंतर्राज्यीय जहरीली शराब गैंग का पर्दाफाश, UP STF ने सरगना सहित चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़े और संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए उसके सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अपमिश्रित और जहरीली शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली ENA/Rectified Spirit की अवैध सप्लाई में लिप्त थे। इस गिरोह का सरगना सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी को उधमसिंह नगर, उत्तराखंड से दबोचा गया, जबकि उसके साथी गुड्डू, रामसिंह और सुनील कुमार को बिजनौर से गिरफ्तार किया गया है।

एसटीएफ को यह बड़ी सफलता एक गुप्त सूचना के आधार पर मिली, जब टीम को पता चला कि काशीपुर-हरिद्वार रोड स्थित मां जगदम्बा ढाबे पर रेक्टिफाइड स्प्रिट के कंटेनरों से अवैध तरीके से स्प्रिट निकाला जा रहा है। यह स्प्रिट असल में दवा कंपनियों को भेजी जानी थी, लेकिन मिलभगत से इसे जहरीली शराब बनाने में प्रयोग किया जा रहा था।

जांच के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में रेक्टिफाइड स्प्रिट, अपमिश्रित शराब से भरे केन, खाली कांच की बोतलें, तीन चारपहिया वाहन और अन्य सामान बरामद किया है। यह पूरा कारोबार बड़ी सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था, जिसमें हर कोई अपनी भूमिका निभा रहा था।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी मूल रूप से एक बस चालक था, जो अपने परिचित सतनाम सिंह से इस अवैध कारोबार में जुड़ा। सतनाम की मृत्यु के बाद सेठी ने खुद इसका संचालन संभाल लिया। ट्रैकर चालक गुड्डू, जो IGL केमिकल फैक्ट्री से स्प्रिट लाता था, इस धंधे का अहम हिस्सा था।

स्प्रिट को कंटेनरों से निकालकर ढाबे के पास उतारा जाता था, जहां रामसिंह और अन्य सहयोगी इसे अवैध रूप से फैला देते थे। रामसिंह ने स्वीकार किया कि वह पहले भी कच्ची शराब बनाने के मामलों में जेल जा चुका है और अब सेठी से स्प्रिट लेकर शराब बनाता और बेचता था। वहीं, गुड्डू ने बताया कि वह कंपनी कर्मचारी भूप सिंह के साथ मिलीभगत से निर्धारित मात्रा से अधिक स्प्रिट लोड कराता था, जिसे बाद में ढाबे पर बेचा जाता था।

यह खुलासा प्रदेश में जहरीली शराब के बढ़ते खतरे को फिर से सामने लाता है। एसटीएफ की इस कार्यवाही से अब ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जगी है, जो लाखों की संख्या में लोगों की जान लेने वाले जहरीली शराब का कारोबार कर रहे थे। अभी इस मामले में और भी जांच जारी है ताकि इस आपराधिक नेटवर्क के अन्य सदस्य भी सामने आ सकें।

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