April 25, 2026

सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम को सुनाई नहीं देता था…

बॉलीवुड स्टार्स की जिंदगी अक्सर चकाचौंध से भरी होती है, लेकिन उनके पीछे छिपे संघर्ष कम ही लोगों को नजर आते हैं। सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान भी आज भले ही फिल्म ‘नादानियां’ से अपने करियर की चमकदार शुरुआत कर चुके हों, लेकिन बचपन में उन्होंने एक ऐसी बीमारी से जूझा है, जिसने उनकी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल कर रख दिया था।

आज जो इब्राहिम कैमरे के सामने मुस्कुराते हैं, कॉन्फिडेंस के साथ बात करते हैं, कभी उन्हें सुनने और बोलने में मुश्किल होती थी। दरअसल, इब्राहिम को जन्म के तुरंत बाद एक गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया था— पीलिया (Jaundice)। यह बीमारी इतनी गंभीर थी कि उसका असर उनके मस्तिष्क तक पहुंच गया था।

कैसे हुई बीमारी की शुरुआत?

इब्राहिम अली खान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि जैसे ही वह पैदा हुए, उन्हें तेज़ पीलिया हो गया था। सामान्य पीलिया से अलग, यह इतना गंभीर था कि इसका प्रभाव सीधे उनके श्रवण (hearing) और वाणी (speech) पर पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर यह ब्रेन डैमेज की स्थिति तक पहुंच सकती है।

इब्राहिम के मामले में यही हुआ— पीलिया का असर दिमाग तक गया और इसके चलते उन्हें सुनाई देने और बोलने में काफी समस्याएं हुईं।

 

पीलिया एक आम लेकिन कभी-कभी घातक स्थिति होती है। यह तब होता है जब शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है। सामान्यतः यह लिवर द्वारा प्रोसेस होकर शरीर से बाहर निकल जाता है, लेकिन जब लिवर ठीक से काम नहीं करता या कोई अन्य संक्रमण होता है, तो बिलीरुबिन खून में जमा होने लगता है। खासकर नवजात शिशुओं में यह स्थिति खतरनाक हो सकती है।

यदि समय पर इलाज न हो, तो यह सेप्सिस, लिवर फेलियर, या इब्राहिम जैसे मामलों में सुनने और बोलने की क्षमता में बाधा जैसी जटिल समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।

इब्राहिम की ज़िंदगी पर इसका असर

पीलिया के कारण इब्राहिम को अपनी स्कूली शिक्षा के लिए इंग्लैंड के बोर्डिंग स्कूल भेजा गया, जब वे सिर्फ 14 साल के थे। वहां उन्हें ना सिर्फ बीमारी की वजह से शारीरिक तकलीफें झेलनी पड़ीं, बल्कि अकेलेपन, कम्युनिकेशन में बाधा और खुद को साबित करने की जद्दोजहद से भी गुजरना पड़ा।

आज भी, इब्राहिम यह मानते हैं कि उनकी स्पीच पर इस बीमारी का असर अब भी महसूस होता है, लेकिन सालों की मेहनत, थैरेपी और आत्मविश्वास ने उन्हें उस कठिन दौर से बाहर निकाला।

 

फिल्म ‘नादानियां’ से डेब्यू करने वाले इब्राहिम आज न केवल अपने लुक्स और अभिनय को लेकर चर्चा में हैं, बल्कि अपने साहसिक बचपन की कहानी से भी लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं। वह यह साबित कर चुके हैं कि किसी भी मुश्किल का सामना आत्मबल और धैर्य से किया जा सकता है।

उनकी कहानी सिर्फ एक सेलिब्रिटी किड की नहीं, बल्कि एक ऐसे योद्धा की है जिसने जीवन के पहले ही पन्नों पर चुनौती का सामना किया और उससे विजयी होकर बाहर निकले।

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