उन्नाव से दिल दहला देने वाली वारदात: दरवाज़ा खुला, सामने था पूरा परिवार मौत की गोद में
उन्नाव जिले के अचलगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत साहबखेड़ा गांव में सोमवार की सुबह एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 7 बजे जब एक युवक का फोन थाना अचलगंज में पहुंचा, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था कि पुलिस जिस घर की ओर जा रही है, वहां ऐसा दृश्य उनका इंतज़ार कर रहा होगा जो वर्षों तक उनके ज़ेहन में बना रहेगा।
जैसे ही पुलिस घर में दाखिल हुई, सामने बरामदे में एक व्यक्ति का शव फंदे से लटकता नजर आया। वह युवक था 35 वर्षीय अमित, जो उसी घर का मुखिया था। लेकिन इससे भी ज़्यादा भयावह नज़ारा कमरे के भीतर था। वहां बिस्तर पर तीन शव पड़े थे—अमित की पत्नी गीता (30 वर्ष) और उनकी दो मासूम बेटियां—खुशी (10 वर्ष) और निधि (6 वर्ष)। तीनों के शव शांत पड़े थे, मानो सोते हुए ही मौत ने उन्हें छीन लिया हो।
घटना की जानकारी पुलिस को अमित के छोटे भाई संदीप ने दी। संदीप पुत्र उमेश चंद्र यादव ने थाने को सूचना दी कि उसके बड़े भाई अमित ने आत्महत्या कर ली है और घर के भीतर परिवार के अन्य सदस्य भी मृत अवस्था में हैं।
थाना अचलगंज पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर की बारीकी से जांच की। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि गीता और उसकी दोनों बेटियों के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं थे। पुलिस को संदेह है कि तीनों की गला दबाकर हत्या की गई है, जबकि अमित ने संभवतः इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि अमित ने अपने परिवार की हत्या करने के बाद जान दी या फिर मामला इससे भी ज्यादा पेचीदा है। पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी है—घरेलू कलह, आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव या कोई और वजह।
गांव में मातम पसरा है और हर कोई यही सवाल कर रहा है: ऐसा क्या हुआ कि एक पूरा परिवार हमेशा के लिए मौत की नींद सो गया?
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