April 30, 2026

भारत-पाकिस्तान तनाव की चरम सीमा: ऑपरेशन ‘सिंदूर’ से दहला पाकिस्तान, सीजफायर के बीच फिर गोलाबारी और ड्रोन हमले

सीजफायर की घोषणा महज़ एक दिखावा साबित हुई—क्योंकि इसके चंद घंटों बाद ही पाकिस्तान ने फिर दिखा दिया अपना पुराना दोमुंहापन। शनिवार शाम को शांति का एलान हुआ, लेकिन रात होते ही नियंत्रण रेखा (LoC) से लेकर जम्मू-कश्मीर के भीतर तक पाकिस्तानी गोलाबारी और ड्रोन हमलों ने माहौल को फिर युद्ध की तरफ मोड़ दिया। भारत ने इस दुस्साहस का करारा जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत दिया, जिसके बाद पाकिस्तान के हवाई ठिकानों, कमांड सेंटर्स और आतंकी शिविरों पर कहर बरपा।

 

‘ऑपरेशन सिंदूर’ : एक सर्जिकल तबाही

भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पूरी योजना और सटीकता से चलाया गया। भारतीय सेना ने न सिर्फ पाकिस्तान के एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरे बॉर्डर पर निशाना बनाया, बल्कि 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया। इन मारे गए आतंकियों में कंधार हाईजैक का मास्टरमाइंड रऊफ अजहर भी शामिल था। मुरीदके जैसे संवेदनशील इलाकों में चार मिसाइलें दागी गईं, जो कि पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए काफी थीं।

 

सेना का दावा: 40 पाक सैनिक ढेर, 21 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद

भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आर्टिलरी फायरिंग में 35 से 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई घायल हुए। भारतीय सेना ने चेतावनी दी है कि यदि आवश्यकता हुई तो 21 से अधिक आतंकी कैंपों पर फिर हमला किया जाएगा। डीजीएमओ ने कहा, “हमारा ऑपरेशन अभी रुका नहीं है। हम अपने दुश्मनों को कोई मौका नहीं देंगे।”

 

सीजफायर की धज्जियां: LOC से लेकर श्रीनगर तक फैला हमला

पाकिस्तान ने जिस वक्त सीजफायर की बात मानी थी, उसी के तीन घंटे बाद जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में गोलाबारी शुरू कर दी। एलओसी के पास के सेक्टर्स में रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। हालात तब और गंभीर हो गए जब श्रीनगर और उधमपुर तक ड्रोन और मिसाइल हमले फैल गए। बाड़मेर में दुबारा ड्रोन देखा गया, जिसके बाद वहां ब्लैकआउट कर दिया गया। जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर लोगों से अपने घरों में ही रहने को कहा।

 

सुरक्षा और कूटनीतिक कवच

तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फिर मुलाकात की और ऑपरेशन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल थे। इस बीच भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता के नए सबूतों के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भेजने जा रहा है। अगले सप्ताह UNSC की 1267 प्रतिबंध समिति की बैठक में भारत पाकिस्तान को बेनकाब करेगा।

 

सीमा पर जनजीवन संकट में, गांव खाली

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सीमावर्ती गांवों के निवासियों से अपने घरों में न लौटने की अपील की है। बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों से 1.25 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। पुलिस ने चेताया है कि पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद बिखरे गोला-बारूद से जान का खतरा बना हुआ है और बम निरोधक दस्ते प्रभावित इलाकों में भेजे गए हैं।

 

पाकिस्तानी सेना की खामोशी और हताशा

भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन के सबूतों के साथ तस्वीरें जारी किए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित कर दी गई है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की बौखलाहट और उसकी रणनीतिक विफलता को उजागर करता है।

 

सीजफायर की ओट में पाकिस्तान की साजिश एक बार फिर सामने आ गई है। लेकिन इस बार भारत ने न केवल जवाब दिया, बल्कि आतंकवाद की जड़ पर हमला कर दिया है। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत के बदलते रुख का प्रतीक बन गया है — जहां जवाब सिर्फ शब्दों में नहीं, मिसाइलों और कार्रवाई में दिया जाता है।

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